अंबरनाथ नपा की पहली आमसभा बवाल, बहुमत के दम पर शिवसेना ने भाजपा के विकास प्रस्तावों पर लगाया ‘ब्रेक’
BJP Shiv Sena Conflict Ambarnath: अंबरनाथ नगर पालिका की पहली आमसभा में भाजपा और शिवसेना के नगरसेवकों के बीच तीखा विवाद देखने को मिला।
- Written By: आंचल लोखंडे
Ambarnath municipal council (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ambarnath Municipal Meeting Clash: महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना सरकार में सहयोगी दल हैं, लेकिन शुक्रवार को अंबरनाथ नगर पालिका की पहली सर्वसाधारण महासभा में दोनों दलों के नगरसेवकों के बीच तीखा टकराव देखने को मिला। करीब आठ घंटे तक चली इस हंगामेदार बैठक में शिवसेना आमने ने सदन में अपने बहुमत के आधार पर अपने प्रस्तावित कार्यों को मंजूरी दिला दी, जबकिभारतीय जनता पार्टी के प्रस्तावित कई विकास कार्यों को स्थगित कर दिया गया।
59 सदस्यों वाली नगरपालिका में शिवसेना के 32 पार्षद हैं, जबकि भाजपा के 27 पार्षद हैं। हालांकि भाजपा की तेजश्री करंजुले नगरपालिका की अध्यक्ष हैं, जो सीधे जनता द्वारा चुनी गई हैं। इसके बावजूद महासभा में भाजपा को बहुमत के अभाव में अपने कई प्रस्तावों पर पीछे हटना पड़ा, जिससे भाजपा सदस्यों में नाराजगी देखी गई।
‘समान विकास नीति’ को किया खारिज
नपा अध्यक्ष तेजश्री करंजुले ने मानसून से पहले सभी 59 वार्डों में प्रति वार्ड 25 लाख रुपये के समान विकास कार्यों का प्रस्ताव रखा था, लेकिन शिवसेना ने इस ‘समान विकास नीति’ को खारिज करते हुए केवल अपने प्रस्तावों को ही मंजूरी दिला दी। इस राजनीतिक खींचतान के कारण शहर में चर्चा तेज हो गई है और आशंका जताई जा रही है कि मानसून से पहले होने वाले कई महत्वपूर्ण कार्यों में देरी हो सकती है।
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बैठक की शुरुआत में ही शिवसेना नगरसेवकों ने भाजपा के प्रस्तावों का विरोध करते हुए एक प्रस्ताव रखा, जिसके बाद सदन में विकास कार्यों को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए नपा अध्यक्ष तेजश्री करंजुले ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिनके सांसद शहर के विकास का विजन रखते हैं, उन्हीं के दल के नगरसेवक विकास कार्यों का विरोध कर रहे हैं।
दोनों दलों के बीच पहले से मतभेद
भाजपा पार्षद अभिजीत करंजुले ने भी शिवसेना पर निशाना साधते हुए कहा कि विकास कार्यों का विरोध करना जनता के साथ अन्याय है और भाजपा इस मुद्दे को जनता के सामने रखेगी। वहीं शिवसेना के वरिष्ठ नगरसेवक अब्दुल शेख ने भाजपा पर स्वार्थी राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नपा उपाध्यक्ष और मनोनीत पार्षदों के चयन तथा कांग्रेस पार्षदों के भाजपा में शामिल होने को लेकर दोनों दलों के बीच पहले से मतभेद थे।
सदन में हुआ जोरदार हंगामा
इस बीच कैलाश कॉलोनी और चिंचपाड़ा तालाब की सफाई को लेकर भी सदन में जोरदार हंगामा हुआ, हालांकि प्रशासनिक आवश्यकता को देखते हुए अंततः इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। अंबरनाथ की राजनीति में बढ़ते इस टकराव के कारण शहर के विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
बैठक में शिवसेना के गट नेता रवि करंजुले, वरिष्ठ नगरसेवक राजेंद्र वालेकर, कुणाल भोईर, स्वप्निल बागुल, कांग्रेस से जीतकर भाजपा में शामिल हुए प्रदीप पाटिल, मनोनीत पार्षद विश्वजीत करंजुले तथा भाजपा की सुजाता भोईर और अनीता भोईर सहित कई नगरसेवकों ने भाग लिया।
प्रतिक्रिया
नपा अध्यक्ष तेजश्री करंजुले ने कहा कि शहर के विकास कार्यों का सदन में विरोध करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सांसद श्रीकांत शिंदे शहर के विकास के लिए विजन लेकर काम कर रहे हैं, ऐसे में विकास प्रस्तावों का विरोध शहर हित में नहीं है।
