Bhayandar सड़क मरम्मत में बड़ा खुलासा, बर्नार्ड डिमेलो ने ठेकेदारों पर लगाए गंभीर आरोप
Bhayandar पाली क्षेत्र में सड़क मरम्मत में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पूर्व पार्षद बर्नार्ड डिमेलो ने कहा कि ठेकेदार बिना गुणवत्ता के काम कर रहे हैं और मनपा की लापरवाही से जनता को नुकसान हो रहा है।
- Written By: अपूर्वा नायक
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Mira Bhayandar News In Hindi: भाईंदर पश्चिम के पाली क्षेत्र में सड़क मरम्मत के नाम पर हो रही अनियमितताओं को लेकर पूर्व पार्षद बर्नार्ड डिमेलो ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
उनका कहना है कि मनपा की लापरवाही और ठेकेदारों की मनमानी के कारण सड़क मरम्मत का काम दिखावा करने की शैली में किया जा रहा है, जिससे जनता के पैसे और विश्वास दोनों के साथ धोखाधड़ी हो रही है।
रात में निरीक्षण, सामने आई बड़ी खामियां
डिमेलो के अनुसार उन्होंने रात 12 बजे के बाद शुरू हुए मरम्मत कार्य का स्वयं निरीक्षण किया, जिसमें कई चिंताजनक खामियां सामने आई। सड़क से धूल-मिट्टी हटाए बिना सीधे पतला डामर बिछाया गया।
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गड्डों में भरा पानी निकाले बिना ही उस पर डामर डाला गया। मरम्मत में घटिया और दुय्यम दर्जे की मिट्टी का प्रयोग किया गया। सड़क किनारे जमा 4-5 इंच धूल पर ही ऊपर की परत चढ़ा दी गई, जिससे जल्द ही सड़क के फिर उखड़ने की संभावना है।
डिमेलो के अनुसार, जब ठेकेदार से सवाल किया गया तो उसने कहा कि उसे केवल पैचवर्क का काम सौंपा गया है। पूर्व पार्षद के मुताबिक यह किसी भी तरह से मरम्मत कार्य नहीं, बल्कि जनता की आंखों में धूल झोंकने जैसा खुला भ्रष्टाचार है।
एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर उठाये गंभीर सवाल
डिमेलो ने जल आपूर्ति विभाग, अडानी इलेक्ट्रसिटी और अन्य एजेंसियों पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पाइपलाइन जोड़ने में की गई गलतियों के कारण सड़कें बार-बार खोदी जाती है। नागरिकों से 3000 रुपये तक वसूले जाते हैं। जबकि ठेकेदारों को पैचवर्क के लिए मात्र 1100-1200 रुपये की दर से काम दिया जाता है, पैसा जनता से ज्यादा, गुणवत्ता कम, आरोप उन्होंने लगाया।
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इंजीनियर रहते नदारद, ठेकेदारों की मनमानी जारी
नियम के अनुसार हर साइट पर सार्वजनिक निर्माण विभाग का इंजीनियर मौजूद होना चाहिए, लेकिन डिमेलों के मुताबिक मौके पर कोई अधिकारी नहीं मिलता, इसका फायदा उठाकर ठेकेदार बिना गुणवत्ता नियंत्रण के काम निपटाकर चले जाते है और कुछ ही दिनों में सड़क फिर गड्डी में बदल जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जनता करोड़ों रुपये टैक्स और शुल्क के रूप में देती है, तो बदले में उन्हें घटिया सड़कें क्यों मिलती है।
