(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Maharashtra Road Accident Statistics 2026: महाराष्ट्र की सड़कों पर अब सफर पहले से अधिक सुरक्षित होता नजर आ रहा है। राज्य परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर लागू किए गए कड़े नियमों और आधुनिक तकनीक के समन्वय के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में पिछले वर्ष के मुकाबले 8.05% की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
जनवरी 2025 में जहां राज्य भर में सड़क हादसों में 1,427 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी, वहीं जनवरी 2026 में यह आंकड़ा घटकर 1,312 रह गया है। यानी परिवहन विभाग के प्रयासों से एक महीने में 115 लोगों की जान बचाने में सफलता मिली है। कुल दुर्घटनाओं की संख्या में भी 2% की कमी आई है, जो 3,164 से गिरकर 3,100 पर आ गई है।
अतिरिक्त परिवहन आयुक्त भरत कालस्कर के अनुसार, विभाग का लक्ष्य 2030 तक सड़क हादसों को 50% तक कम करना है। इसके लिए राज्य और जिला स्तर पर समर्पित ‘रोड सेफ्टी सेल’ बनाए गए हैं। हर जिले के लिए एक अलग रोड सेफ्टी प्लान तैयार किया गया है और इसे लागू किया जा रहा है। एक्सीडेंट की संभावना वाले ‘ब्लैक स्पॉट’ में सुधार किए जा रहे हैं।
विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नकेल कसने के लिए 332 प्रवर्तन टीमें तैनात की हैं। इंटरसेप्टर वाहनों और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कैमरों की मदद से जनवरी में बड़े पैमाने पर चालान काटे गए।
यह भी पढ़ें:- मुंबई पुलिस की बढ़ी ताकत! CM फडणवीस ने 1200+ हाई-टेक वाहनों को दिखाई हरी झंडी; अब अपराधियों की खैर नहीं
सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए राज्य के 25,000 किमी हिस्से पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लगाया जा रहा है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर इसके सफल प्रयोग से हादसों में 19% की कमी आई है। इसके अलावा, राज्य में 53 सरकारी और 13 निजी ऑटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन (ATS) शुरू किए जा रहे हैं ताकि अनफिट गाड़ियां सड़कों पर न दौड़ें।
हादसे के शिकार लोगों को बचाने के लिए केंद्र की ‘PM राहत’ स्कीम के तहत 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज (7 दिनों तक) सुनिश्चित किया गया है। साथ ही, घायलों की मदद करने वाले ‘जीवन दूतों’ को 25,000 रुपये का इनाम देने का प्रावधान भी किया गया है।