ठाणे महानगर पालिका , विधायक संजय केलकर
Thane Municipal Corporation: लोकसभा, विधानसभा एवं मनपा का चुनाव लड़ने, केंद्र से लेकर मनपा तक की सत्ता में शामिल होने के बावजूद शिवसेना एवं भाजपा के बीच सब कुछ ठीक ठाक नहीं चल रहा है। ठाणे महानगरपालिका के बजट पर चर्चा के दौरान भाजपा के नगरसेवक खुद को चौकीदार बताते हुए शिवसेना एवं प्रशासन पर जोरदार हमला किया। जिसको लेकर सत्तारूढ़ शिवसेना -भाजपा नगरसेवकों के बीच तीखी नोंक झोंक भी हुई।
मामला उस समय अधिक तनाव पूर्ण हो गया, जब भाजपा के नगरसेवक कॉर्पोरेटर मनोहर डुंबरे ने आरोप लगाया कि पिछले 3 साल में राज्य सरकार से मिले फंड कुछ खास नगरसेवकों को दिए गए, यही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि विकास निधि कुछ शिवसेना के शाखा प्रमुखों को दी गयी। जिस पर शिवसेना के नगरसेवकों ने आपत्ति जतायी। इस पर महापौर शर्मिला पिंपलोलकर को हस्तक्षेप करते हुए कहना पड़ा कि पक्के सबूत हों तो पेश करें।
मनपा आयुक्त सौरभ राव ने 23 मार्च को मनपा सभागृह में 6221 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। सभी नगरसेवकों पर बोलने के लिए समय का प्रतिबन्ध लगाया गया था। उसके बावजूद 27 मार्च को रात के 12 बजे तक चर्चा चली लेकिन सभी नगरसेवक अपनी बात नहीं रख पाए थे।
मनपा में बजट पर चर्चा के दौरान भाजपा की नगरसेविका मृणाल पेंडसे, नम्रता कोली, वैभव कदम, सुरेश कांबले, नारायण पवार सहित अन्य ने पिछले तीन सालों में खर्च का हिसाब मांगते हुए मनपा प्रशासन एवं सत्तारूढ़ शिवसेना पर जमकर हमला बोला।। चर्चा के दौरान भाजपा नगरसेवक मनोहर डुंबरे ने सार्वजनिक परिवहन विकास, शिक्षा सहित अन्य मुद्दों को उठाते हुए प्रशासन एवं शिवसेना को घेरने का प्रयास किया।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने दावा किया कि ठेकेदारों और अधिकारियों के बीच मिलीभगत है। डुंबरे के आरोपों पर शिवसेना के नगरसेवक विकास रेपाले ने कड़ी आपत्ति जतायी। उन्होंने कहा कि शिवसेना शाखा प्रमुख पर इस तरह से आरोप लगाना गलत है। शिवसेना के नगरसेवक एवं पूर्व उप महापौर रमाकांत मढवी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हम नाम लेंगे तो विवाद बढ़ जाएगा। इस बीच, सभागृह हनमंत जगदाले ने आरोप-प्रत्यारोप से बचकर बजट पर चर्चा करने की अपील की।
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ठाणे महानगर पालिका की स्थायी समिति व विशेष समितियों के गठन व मनोनीत नगरसेवकों की नियुक्ति को लेकर भाजपा विधायक संजय केलकर ने शिवसेना पर जमकर निशाना साधा। बजट पर चर्चा सुनने मनपा सदन में पहुंचे विधायक केलकर ने कहा कि ठाणे महानगरपालिका में जब साफ बहुमत है, उसके बावजूद समितियां अभी तक क्यों नहीं बनाई जा रही हैं इस पर सोचने की जरूरत है? शहर के विकास और जरूरी फैसले लेने के मामले में मनपा की सभी समितियों की जरूरत है। विधायक केलकर आशंका जताया कि आखिर इन कमेटी को न बनाने के पीछे क्या वजह है।