Pune: सहकारी चीनी मिलों पर सख्ती, हर्षवर्धन पाटिल के कारखाने पर 11 करोड़ की मार
Sugarcane crushing licence violation: पेराई लाइसेंस मिलने से पहले गन्ना पेराई शुरू करने पर चीनी आयुक्त ने हर्षवर्धन पाटिल के शंकरराव पाटिल सहकारी चीनी कारखाने पर 11 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया।
- Written By: अपूर्वा नायक
हर्षवर्धन पाटिल (सौ. सोशल मीडिया )
Pune News In Hindi: राष्ट्रीय सहकारी चीनी मिल महासंघ के अध्यक्ष हर्षवर्धन पाटिल के शंकरराव पाटिल सहकारी चीनी कारखाने पर चीनी आयुक्त ने 11 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। महासंघ के अध्यक्ष के ही कारखाने द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
चीनी आयुक्तालय से पेराई लाइसेंस मिलने से पहले ही गन्ना पेराई शुरू करने के आरोप में यह कार्रवाई की गई है। शंकरराव पाटिल सहकारी चीनी कारखाने के अलावा कुछ अन्य कारखानों पर भी जुर्माना लगाया गया है।
इसमें पंढरपुर के सहकार शिरोमणि वसंतराव काले सहकारी चीनी कारखाने को 2 करोड़ 32 लाख रुपये का, जबकि सांगली जिले के रायगांव शुगर एंड पावर कारखाने पर 40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
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बिना अनुमति की पेराई
राज्य में वर्ष 2025-26 के गन्ना पेराई सत्र की शुरुआत 1 नवंबर 2025 से हुई। गन्ना पेराई के लिए चीनी उत्पादकों को चीनी आयुक्तालय से पेराई लाइसेंस लेना अनिवार्य है। लाइसेंस के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत कर अनुमति लेने के संबंध में चीनी आयुक्त ने सभी कारखानों को निर्देश दिए थे।
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इसी के तहत शंकरराव पाटिल सहकारी चीनी कारखाने ने ऑनलाइन प्रस्ताव दाखिल किया था। हालांकि, चीनी आयुक्त द्वारा लाइसेंस जारी करने से पहले ही कारखाने में गन्ना पेराई शुरू कर दी गई। जांच में सामने आया कि कारखाने ने 2 करोड़ 24 लाख 299 टन गन्ने की पेराई की है। इसके चलते प्रति टन 500 रुपये के हिसाब से कुल 11 करोड़ 21 लाख 49 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
