एसटी महामंडल का कायाकल्प: ‘हमारी बस, हमारी सेवा’ से बदलेगी ‘लालपरी’ की सूरत; 1 मई से नई कार्यप्रणाली लागू
MSRTC Hamari Bus Hamari Seva: महाराष्ट्र की लालपरी यानी एसटी बस अब नए उत्साह और अनुशासन के साथ यात्रियों की सेवा के लिए तैयार हो रही है। यह अभियान यात्रियों का विश्वास दोबारा मजबूत करने का प्रयास है।
Maharashtra ST Bus Passenger Service Improvement: महाराष्ट्र की लालपरी यानी एसटी बस अब नए उत्साह, नई अनुशासन व्यवस्था और नई संवेदनशीलता के साथ यात्रियों की सेवा के लिए तैयार हो रही है। महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल ने हमारी बस, हमारी सेवा नामक व्यापक अभियान के माध्यम से यात्री सेवा को एक नई दिशा देने का संकल्प लिया है। इस पहल की घोषणा राज्य के परिवहन मंत्री एवं एसटी महामंडल के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने की है।
एसटी बसों की संख्या बढ़ने के बावजूद यात्रियों की संख्या और राजस्व अपेक्षा के अनुसार नहीं बढ़ने की बात को गंभीरता से लेते हुए यह निर्णय लिया गया है। यात्रियों का विश्वास दोबारा मजबूत करने और सेवा में मानवीय स्पर्श जोड़ने के उद्देश्य से यह अभियान शुरू किया जा रहा है।
सेवा से संस्कार, अनुशासन से विश्वासअब चालक और वाहक केवल कर्मचारी नहीं बल्कि सेवक के रूप में कार्य करेंगे। बस को सेवा में शामिल करने से पहले उसकी स्वच्छता, समय से पहले प्लेटफॉर्म पर उपस्थिति, साफसुथरी वर्दी और अनुशासित व्यवहार को केवल नियम नहीं बल्कि सेवा भावना की पहचान माना जाएगा।
सम्बंधित ख़बरें
राष्ट्रीय क्षयरोग नियंत्रण में लगातार दूसरे वर्ष भी राज्य में अव्वल; केंद्र के मानकों पर गोंदिया जिला ‘नंबर वन
अकोला क्षेत्र के गांवों में जलसंकट गहराया; 45°C पार गर्मी में बूंद-बूंद को तरसे ग्रामीण, विशेष निधि की मांग
अकोला में भीषण गर्मी का तांडव: 46.9°C के साथ रिकॉर्ड टूटा; टंकियों में उबलता पानी, सड़कें सूनी
अस्पताल में अनाथ छात्रा को अकेला छोड़ने का मामला, स्कूल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
बस के रवाना होने से पहले चालक यात्रियों से परिचय कराएगा और उन्हें मार्ग, स्टॉपेज तथा अनुमानित समय की जानकारी देगा। यह केवल औपचारिकता नहीं बल्कि यात्रियों के साथ जुड़ाव का प्रयास होगा। यात्रा के दौरान मदद करने वाला चालकवाहक एसटी का वास्तविक चेहरा माना जाएगा।
यात्री भी सेवा के सहभागीइस अभियान में यात्रियों से भी समान भागीदारी की अपील की गई है। बस में स्वच्छता बनाए रखना, अपने सामान की जिम्मेदारी स्वयं लेना और बड़े सामान को उचित स्थान पर रखनाये छोटी आदतें यात्रा को अधिक सुगम बनाएंगी।
साथ ही एनसीएमसी स्मार्ट कार्ड और ऑनलाइन आरक्षण जैसी सुविधाओं को अपनाने पर जोर दिया गया है। संकट में सहारा, सेवा में निरंतरताबस रद्द होने या मार्ग में किसी बाधा की स्थिति में यात्रियों को तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
बस स्टैंड और परिसर को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित रखने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई है। शिकायतों का त्वरित समाधानयात्रियों की शिकायतों को केवल दर्ज करने के बजाय उनके त्वरित समाधान के लिए एक स्वतंत्र व्यवस्था बनाई जाएगी।
हर स्तर पर नियमित समीक्षा कर सेवाओं की कमियों को दूर करने पर ध्यान दिया जाएगा। नए विश्वास की यात्राराज्य में 1 मई 2026 से लागू होने वाला यह अभियान केवल सेवा सुधार का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि एसटी और यात्रियों के बीच विश्वास का एक नया सेतु बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
