राष्ट्रीय क्षयरोग नियंत्रण में लगातार दूसरे वर्ष भी राज्य में अव्वल; केंद्र के मानकों पर गोंदिया जिला ‘नंबर वन
Gondia News: गोंदिया जिला ने लगातार दो वर्षों तक राष्ट्रीय क्षयरोग नियंत्रण कार्यक्रम में राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जनजागरूकता, सर्वेक्षण और उपचार के माध्यम से यह सफलता हासिल की गई है।
Gondia Gondia Health Department Achievement: गोंदिया वर्ष 2024 व 2025 में राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में क्षयरोग नियंत्रण कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने में जिला राज्य में शीर्ष स्थान पर है। केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए संकेतकों के अनुसार राज्य के सभी जिलों को क्षयरोग कार्यक्रम में प्रदर्शन के अनुसार रैंकिंग दी गई है।
सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग की ओर से सहसंचालक कुष्ठ व क्षयरोग कार्यक्रम डॉ. राजरत्न वाघमारे द्वारा 20 अप्रैल को भेजे गए पत्र के अनुसार 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2025 तक की अवधि के प्रदर्शन कामगिरी के साथ अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक की अवधि के व्यय आकड़ों को ध्यान में रखते हुए, जिले ने राज्य में प्रथम स्थान हासिल किया है।
इससे पहले राज्य सरकार द्वारा 26 मार्च 2025 को जारी 2024 की रैंकिंग में जिला 90 अंक प्राप्त कर राज्य में प्रथम स्थान पर था। जिला लगातार दो वर्षों तक राष्ट्रीय क्षयरोग नियंत्रण कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने वाला राज्य का एकमात्र जिला बन गया है। जिले में जिला क्षयरोग अधिकारी के नेतृत्व में लोगों को निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 14 विभिन्न संकेतक क्षयरोग कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
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इसमें विभिन्न लक्षणों के अनुसार संदिग्ध टीबी रोगियों को ढूंढना, स्वास्थ्य संस्थानों में बलगम के नमूने या एक्सरे और विभिन्न प्रयोगशाला परीक्षण प्रदान करना शामिल है। निशुल्क दवा प्रारंभ करना, दवा के दौरान फॉलोअप रखना, समुपदेशन देना, निक्षय पोर्टल पर पंजीकरण कराना, निक्षय पोषण योजना का लाभ देना, रोगी के दस्तावेज ऑनलाइन करना, निवासियों की जांच व उपचार करना, टीबी रोगियों के स्वास्थ्य पर कोई दुष्प्रभाव न पड़े, इसके लिए प्रधानमंत्री टी।बी। मुक्त अभियान की विभिन्न मामलों पर निगरानी की जाती है।
नंदुरबार दूसरे, जलगांव तीसरे, नांदेड़ चौथेजिले में क्षयरोग स्वास्थ्य कार्यक्रमों व गतिविधियों के प्रभावी कार्यान्वयन के कारण गोंदिया जिले ने लगातार दो वर्षों से राज्य में प्रथम आने का गौरव हासिल किया है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी व जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. अभिजीत गोल्हार के नेतृत्व में जिला क्षयरोग विभाग द्वारा किए गए उत्कृष्ट टीम वर्क व सूक्ष्म नियोजन के कारण गोंदिया जिले ने लगातार दो वर्षों तक राज्य में प्रथम आने का गौरव हासिल किया है।
नंदुरबार दूसरे, जलगांव तीसरे, नांदेड़ चौथे और बुलढाणा जिला पांचवें स्थान पर है। योजनाबद्ध कार्यक्रम चलाकर यह सफलता हासिलगोंदिया जिला भौगोलिक दृष्टि से महाराष्ट्र की सीमा के निकट अंतिम जिला है। यह जिला आदिवासी, नक्सल प्रभावित और वनाच्छादित सीमावर्ती क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। तरहतरह की बीमारियां व्याप्त हैं।
जिला क्षयरोग विभाग की टीम ने बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य कर्मचारियों के पद रिक्त होने के बाद भी योजनाबद्ध कार्यक्रम चलाकर यह सफलता हासिल की। एम. मुरुगानंथम, मुख्य कार्यकारी अधिकारी,
| रैंक | जिला |
| 1 | गोंदिया |
| 2 | नंदुरबार |
| 3 | जलगांव |
| 4 | नांदेड़ |
| 5 | बुलढाणा |
