‘अब जाति और धर्म देखकर देंगे नौकरी’, शनि शिंगणापुर के फैसले पर भड़के वारिस पठान, बोले- मुसलमान थे इसलिए निकाल दिया
अहमदनगर के शनि शिंगणापुर देवस्थान ने बड़ा फैसला लेते हुए मंदिर से 167 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। इस फैसले का एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने विरोध किया है और सरकार से एक्शन लेने की मांग की है।
- Written By: प्रिया जैस
शनि शिंगणापुर मामले में वारिस पठान (सौजन्य-सोशल मीडिया)
सोलापुर: शनि शिंगणापुर देवस्थान ने बड़ा एक्शन लेते हुए मंदिर ट्रस्ट में कार्यरत कुल 167 कर्मचारियों को सेवा से हटा दिया। इन मंदिर कर्मचारियों में 114 कर्मचारी मुस्लिम समुदाय से हैं। ट्रस्ट ने इन कर्मचारियों को यह कहकर निकाल दिया कि उन्हें अनियमितता और अनुशासन का पालन न करने की वजह से हटाया गया है। पिछले कुछ दिनों से हिंदू संगठनों ने मुस्लिम कर्मचारियों को हटाने को लेकर देवस्थान पर दबाव डाला था। इस मामले पर एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने विरोध किया है।
एआईएमआईएम नेता वारिस पठान कहते हैं, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। एक तरफ हम ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’, विकसित भारत, एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और देश की प्रगति की बात करते हैं। वहीं दूसरी तरफ जाति और धर्म के आधार पर नौकरियां देंगे, धर्म देखकर आप नौकरी से निकाल देंगे। सिर्फ वो मुसलमान थे इसलिए उन्हें नौकरी से निकाल दिया।”
वारिस पठान ने किया विरोध
वारिस पठान ने कहा, “आज 114 लोगों के नौकरी से निकाल दिया। उनके साथ उनका पूरा परिवार थी। अब कहां जाएंगें वो 114 लोग कौन नौकरी देगा। पीएम मोदी ने कहा था कि 2 करोड़ लोगों को रोजगार देंगे, आज बेरोजगार घूम रहे है और जो लोग रोजगार पर है उन्हें इस तरह से निकाल दिया जा रहा है। बरसों से ये काम कर रहे है, तब किसी को कोई तकलीफ नहीं हुई। अब अचानक से तकलीफ होने लगी। ये नफरत भारत को किस दिशा में ले जाएगा।”
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Solapur, Maharashtra: Out of the 167 employees removed from the Shani Shingnapur temple, 114 were from the Muslim community AIMIM leader Waris Pathan says, “it’s very unfortunate. On one hand, we talk about ‘Sabka Saath, Sabka Vikas, Sabka Vishwas,’ a Viksit Bharat, a… pic.twitter.com/Ev4S2HUch6 — IANS (@ians_india) June 14, 2025
महाराष्ट्र सरकार से एक्शन लेने की मांग
उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से इस पर एक्शन लेने की बात करते हुए कहा, “महाराष्ट्र सरकार को इस बारे में सोचकर उचित कदम उठाना चाहिए। इस तरह से देश को बांटना नहीं चाहिए। अब जाति धर्म देखकर लोगों को नौकरी दिया जाएगा। ये असंवैधानिक है। इस पर महाराष्ट्र सरकार को संज्ञान लेना चाहिए। जो लोग जाति और धर्म देखकर लोगों को नौकरी से निकाल देते है उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। ये गलत है और देश के लिए ये बिल्कुल भी सही नहीं है।”
शनि शिंगणापुर के मंदिरों में मुस्लिमों की नो एंट्री? देवस्थान ने हटाए 114 कर्माचारी
जानकारी दें, कि हिंदू संगठन ने शनि देव के चबूतरे पर मुस्लिमों द्वारा कार्य करने को लेकर पूरे हिंदू समाज की ओर से आंदोलन किया था। इस आंदोलन के बाद प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री क्षेत्र शनि शिंगणापुर मंदिर में मुस्लिम कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर विवाद शुरू हो गया था।
