सावधान! सफेद जहर का काला धंधा, सोलापुर में तुकाराम मुंढे की महा-स्ट्राइक, 37 हजार लीटर मिलावटी दूध गटर में बहा
FDA Raid Sangola Solapur: सोलापुर में सिंघम अधिकारी तुकाराम मुंढे की महा-स्ट्राइक से दूध माफियाओं में हड़कंप, 15 लाख रुपये का मिलावटी दूध मौके पर ही नष्ट कर केंद्र को किया सील।
- Written By: गोरक्ष पोफली
FDA की कार्रवाइ की सांकेतिक फोटो (सोर्स: एआई फोटो)
Solapur Adulterated Milk Destroyed FDA Raid: महाराष्ट्र के सोलापुर जिले से एक ऐसी खबर आई है जिसने मिलावटखोरों की रातों की नींद उड़ा दी है। अपनी सख्त कार्यशैली और भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ के लिए मशहूर अन्न एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे का डंडा अब दूध माफियाओं पर चला है। सोलापुर जिले के सांगोला तालुका में प्रशासन ने एक ऐसी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसे जिले के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, सांगोला तहसील के जवला गांव में स्थित अजिंक्यराणा मिल्क इंडस्ट्रीज नामक एक बड़े दूध संकलन केंद्र में लंबे समय से मिलावट का खेल चल रहा था। एफडीए को इस बारे में अत्यंत गोपनीय सूचना मिली थी कि यहां आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ कर दूध में घातक पदार्थों की मिलावट की जा रही है। इस सूचना के आधार पर तुकाराम मुंढे के निर्देशन में एफडीए की टीम ने इस केंद्र पर अचानक धावा बोल दिया।
15 लाख का दूध मौके पर ही किया गया नष्ट
छापेमारी के दौरान अधिकारी तब दंग रह गए जब उन्होंने वहां दूध का भारी स्टॉक देखा। जांच में पता चला कि वह दूध मिलावटी था और सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता था। प्रशासन ने बिना कोई समय गंवाए, 37 हजार 532 लीटर मिलावटी दूध को मौके पर ही बहाकर नष्ट कर दिया। नष्ट किए गए इस दूध की कीमत बाजार में लगभग 15 लाख रुपये बताई जा रही है।
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मिलावटखोरों में खौफ, केंद्र को किया गया सील
तुकाराम मुंढे के इस इफेक्ट से पूरे जिले के दूध माफियाओं में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने न केवल मिलावटी दूध को नष्ट किया, बल्कि अजिंक्यराणा दूध संकलन केंद्र को तत्काल प्रभाव से बंद करने का कड़ा आदेश भी जारी कर दिया है। अधिकारियों ने मौके से दूध के चार अलग-अलग नमूने इकठ्ठा किए हैं, जिन्हें विस्तृत जांच के लिए लैब में भेजा गया है।
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होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
एफडीए ने स्पष्ट किया है कि लैब की रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ न केवल विभागीय कार्रवाई होगी, बल्कि उन पर कठोर क्रिमिनल केस भी दर्ज किए जाएंगे। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले समय में ऐसी कार्रवाइयों को और भी तेज किया जाएगा।
तुकाराम मुंढे की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि नियम तोड़ने वालों के लिए महाराष्ट्र के प्रशासनिक गलियारों में अब कोई जगह नहीं है। आम जनता इस कार्रवाई की सराहना कर रही है, क्योंकि यह सीधे तौर पर उनके और उनके बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है।
