Solapur Budget Session Dispute (सोर्सः सोशल मीडिया)
Solapur Municipal Corporation: सोलापुर नगर निगम के वार्षिक बजट सत्र के दौरान बड़ा हंगामा देखने को मिला। BJP के एक कॉर्पोरेटर और शिवसेना के एक ग्रुप लीडर के बीच तीखी नोकझोंक हो गई, जिससे कुछ समय के लिए नगर निगम सभागार में तनाव का माहौल बन गया। यह विवाद उस समय हुआ जब शिवसेना के गटनेता अमोल शिंदे वार्षिक बजट पर अपना भाषण दे रहे थे।
शिवसेना के गटनेता अमोल शिंदे जब बजट पर बोल रहे थे, तभी BJP के कॉर्पोरेटर प्रशांत पल्ली ने बीच में हस्तक्षेप किया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। इस दौरान अमोल शिंदे गुस्से में आ गए और उन्होंने प्रशांत पल्ली से तीखे शब्दों में सवाल किया। उन्होंने कहा, “मैं बोल रहा हूं, इसमें आपके बोलने की क्या जरुरत हैं?”
दोनों नेताओं के बीच बढ़ते विवाद के कारण नगर निगम सभागार में कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मेयर विनायक कोंड्याल और भाजपा के वरिष्ठ पार्षदों ने बीच-बचाव किया और दोनों पक्षों को शांत कराया।
सोलापुर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के हालिया आम चुनाव में भी BJP और शिवसेना आमने-सामने थीं। चुनाव परिणामों में 102 सीटों में से BJP ने 87 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया।
महागठबंधन टूटने के बाद से ही BJP और शिवसेना के नेताओं के बीच राजनीतिक तनातनी देखने को मिल रही है। शिवसेना के अमोल शिंदे लगातार पार्टी का पक्ष जोर-शोर से रखते रहे हैं। हालांकि चुनाव में शिवसेना को सीमित सफलता मिली और पार्टी के सिर्फ चार उम्मीदवार ही जीत सके, जिनमें अमोल शिंदे भी शामिल हैं। इसी पृष्ठभूमि में अब नगर निगम के सभागार में BJP और शिवसेना पार्षदों के आमने-सामने आने से तनावपूर्ण माहौल की स्थिति बन गई।
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स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद BJP ने अकेले दम पर नगर निगम में सत्ता बनाई और विनायक कोंड्याल को मेयर चुना गया।