Pandharpur Acid Attack Case Truth: महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के तीर्थस्थल पंढरपुर से रविवार रात एक ऐसी खबर आई जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, रात करीब 8 बजे एक युवती पर अज्ञात हमलावरों द्वारा एसिड फेंकने की बात सामने आई थी। युवती को आनन-फानन में एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसकी आंखों में गए एसिड को साफ कर उसकी रोशनी बचा ली। लेकिन, जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ी, इस मामले की परतें खुलती गईं और सच्चाई कुछ और ही निकली।
पंढरपुर के सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) प्रशांत डगले ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच की कमान संभाली। घटनास्थल और उसके आसपास के दर्जनों सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। पुलिस को पहला संदेह तब हुआ जब फुटेज में किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की आवाजाही नजर नहीं आई। वहीं, पीड़िता के शुरुआती बयानों में भी काफी विरोधाभास देखने को मिला। जब पुलिस ने तकनीकी सबूतों के साथ पीड़िता से गहन पूछताछ की, तो उसने टूटकर सच उगल दिया।
जांच में यह सामने आया कि यह कोई बाहरी हमला नहीं था, बल्कि युवती ने खुद ही अपनी जान जोखिम में डाली थी। पुलिस के अनुसार, युवती पिछले काफी समय से लिवर की गंभीर बीमारी से जूझ रही थी। बीमारी के लंबे इलाज और पारिवारिक स्थितियों के कारण वह भारी मानसिक तनाव (Depression) में थी। इसी हताशा में उसने बाजार से टॉयलेट क्लीनिंग एसिड खरीदा और एक सुनसान जगह पर जाकर खुद पर डाल लिया। बाद में पकड़े जाने के डर से उसने अज्ञात हमलावरों की झूठी कहानी गढ़ दी।
अस्पताल में इलाज के दौरान पुलिस ने युवती का वीडियो बयान भी रिकॉर्ड किया है, जिसमें उसने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। उसकी मां ने भी पुलिस के समक्ष इस बात की पुष्टि की है कि वह लंबे समय से परेशान चल रही थी। फिलहाल युवती की हालत स्थिर है और उसका उपचार जारी है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि एसिड कहां से खरीदा गया था और क्या इसमें किसी और की भी भूमिका थी।