अहेरी के युवा ठेकेदार (सोर्स: सोशल मीडिया)
Gadchiroli Aheri Contractors Protest: महाराष्ट्र के दुर्गम और नक्सल प्रभावित इलाकों में अपनी जान जोखिम में डालकर विकास कार्यों को अंजाम देने वाले स्थानीय ठेकेदारों पर अब ‘रोजी-रोटी’ का संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन द्वारा बाहरी बड़े ठेकेदारों को ‘रेड कार्पेट’ बिछाकर स्वागत करने और स्थानीय छोटे ठेकेदारों को नजरअंदाज करने की नीति के खिलाफ अहेरी क्रांतिकारी सरकारी ठेकेदार संगठन ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
हाल ही में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में संगठन के पदाधिकारियों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और अन्य सरकारी विभागों के खिलाफ कड़ा रोष व्यक्त किया। ठेकेदारों का आरोप है कि अहेरी उपविभाग के कार्यों की निविदाएं जानबूझकर गड़चिरोली के विभाग-2 से निकाली जा रही हैं, ताकि स्थानीय छोटे ठेकेदारों को इस प्रक्रिया से बाहर रखा जा सके।
संगठन के नेताओं सत्यनारायण गद्देवार, लक्ष्मण गद्देवार, बादल शहा और प्रशांत पत्तीवार ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन ने इन मांगों को अनसुना किया, तो अहेरी, एटापल्ली और भामरागड़ तहसील के सभी ठेकेदार मिलकर उग्र आंदोलन करेंगे। ठेकेदारों का कहना है कि जब दुर्गम क्षेत्रों में काम करने की बारी आती है तो स्थानीय लोग ही आगे आते हैं, लेकिन जब मुनाफे की बात आती है तो बाहरी बड़ी कंपनियों को लाभ पहुँचाया जाता है।