गड़चिरोली में स्थानीय ठेकेदारों का हल्लाबोल! ‘बाहरी’ कंपनियों को रेड कार्पेट पर भड़के अहेरी के युवा ठेकेदार
Gadchiroli News: गड़चिरोली के अहेरी में स्थानीय ठेकेदारों ने सरकारी नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बाहरी कंपनियों को प्राथमिकता और स्थानीय युवाओं की अनदेखी पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
अहेरी के युवा ठेकेदार (सोर्स: सोशल मीडिया)
Gadchiroli Aheri Contractors Protest: महाराष्ट्र के दुर्गम और नक्सल प्रभावित इलाकों में अपनी जान जोखिम में डालकर विकास कार्यों को अंजाम देने वाले स्थानीय ठेकेदारों पर अब ‘रोजी-रोटी’ का संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन द्वारा बाहरी बड़े ठेकेदारों को ‘रेड कार्पेट’ बिछाकर स्वागत करने और स्थानीय छोटे ठेकेदारों को नजरअंदाज करने की नीति के खिलाफ अहेरी क्रांतिकारी सरकारी ठेकेदार संगठन ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
अहेरी में संवाददाता सम्मेलन: आक्रोश की गूंज
हाल ही में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में संगठन के पदाधिकारियों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और अन्य सरकारी विभागों के खिलाफ कड़ा रोष व्यक्त किया। ठेकेदारों का आरोप है कि अहेरी उपविभाग के कार्यों की निविदाएं जानबूझकर गड़चिरोली के विभाग-2 से निकाली जा रही हैं, ताकि स्थानीय छोटे ठेकेदारों को इस प्रक्रिया से बाहर रखा जा सके।
प्रमुख मांगें और भ्रष्टाचार के आरोप
- संगठन ने प्रशासन के सामने अपनी मांगों की एक लंबी सूची रखी है, जिसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं।
- निविदा रद्दीकरण: 25 मार्च 2026 को जारी निविदा क्रमांक 72 व 73 को तत्काल रद्द कर स्थानीय विभाग के माध्यम से दोबारा टेंडर निकाले जाएं।
- ऑफलाइन पद्धति की मांग: अहेरी नगर पंचायत क्षेत्र के 100% कार्य और वन विभाग, सिंचाई विभाग व ग्रामीण विभाग के कार्य स्थानीय शिक्षित बेरोजगारों को ऑफलाइन पद्धति से दिए जाएं।
- कोटा सिस्टम: सोसायटियों को मिलने वाले कार्यों में 33% की मर्यादा का सख्ती से पालन हो और 9 से 10 लाख रुपये तक के छोटे कार्य अनिवार्य रूप से स्थानीय लोगों को ही मिलें।
- ऑनलाइन टेंडर में धांधली: ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन प्रक्रिया के नाम पर ‘विशिष्ट’ चहेते लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा खत्म हो गई है।
आंदोलन की चेतावनी
संगठन के नेताओं सत्यनारायण गद्देवार, लक्ष्मण गद्देवार, बादल शहा और प्रशांत पत्तीवार ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन ने इन मांगों को अनसुना किया, तो अहेरी, एटापल्ली और भामरागड़ तहसील के सभी ठेकेदार मिलकर उग्र आंदोलन करेंगे। ठेकेदारों का कहना है कि जब दुर्गम क्षेत्रों में काम करने की बारी आती है तो स्थानीय लोग ही आगे आते हैं, लेकिन जब मुनाफे की बात आती है तो बाहरी बड़ी कंपनियों को लाभ पहुँचाया जाता है।
सम्बंधित ख़बरें
नागपुर में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन: बैरिकेड्स तोड़े, पुलिस से धक्का-मुक्की; मोर्चे में कई नेता गिरफ्तार
अमरावती ग्रामीण पुलिस बेड़े में शामिल हुईं 4 अत्याधुनिक ‘चार्ली मोबाइल’ बाइक; SP निकेतन कदम ने दिखाई हरी झंडी
पुणे शराब कांड में बड़ा खुलासा, ऑनलाइन मेथनॉल मंगाकर आरोपी योगेश वानखेड़े ऐसे बनाया था ‘मौत का कॉकटेल’
नागपुर में दोहरी मार से थमे ट्रकों के पहिये: डीजल की बढ़ी कीमतों से ट्रांसपोर्ट उद्योग बेहाल
