Dhamangaon Railway: सायबर क्राइम द्वारा बैंकों के अकाउंट से पैसे छूमंतर करने की घटनाओं में दिनोंदिन बढ़ोतरी हो रही है। कहीं पर लुभावनी योजनाओं से शिकार होते आम नागरिक तो कहीं अनजाने में पिन नंबर दिये जाने से बड़ी बड़ी रकमें सायबर क्राइम के शातिर उड़ा लेते हैं।
ऐसी ही एक घटना में शिक्षक अनूप अग्रवाल के बैंक अकाउंट से 96 हजार 555 रूपए उड़ा लेने की घटना उजागर हुई है। स्थानीय सेफला हाईस्कूल के टीचर अनूप ब्रिजमोहन अग्रवाल शनिवार 11 अप्रैल को रोजमर्रा की तरह में स्कूल में क्लास ले रहे थे और उनका मोबाइल उस वक्त स्कूल के लॉकर में था।
इस बीच सुबह 10.33 पर उनके अकाउंट से 96 हजार 555 रूपए विड्राल हो गये। यह बात रविवार सुबह जब वे अपने पुत्र जो पुणे में पढ़ता है, उसको 10 हजार रुपए ट्रांसफर करने गये तब मोबाइल ने निर्देशित किया कि आप 24 घंटे में केवल 1 लाख रूपए तक का ही व्यवहार कर सकते हैं।
अब समय मर्यादा पूरी होने पर प्रयास करें तब अनूप अग्रवाल ने मोबाइल हिस्ट्री को खंगाला उन्हें पता चला कि यू पी आई द्वारा खाते से ऑनलाइन 96 हजार 555 रूपए उनके अकाउंट से निकाल लिए गए हैं। उन्होंने अविलंब सायबर सेल के 1930 पर इस घटना की शिकायत की।
सोमवार को स्थानीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा से स्टेटमेंट निकालने पर उसमें पता चला दिलजीतसिंग नामक व्यक्ति के खाते में यह रकम गई है। उस रकम में से उसी वक्त एटीएम द्वारा लगभग 75 हजार रुपए निकाल लिये है।
स्टेट बैंक के कर्मचारियों ने अनूप द्वारा कोई गलती करने की बात कहने पर अनूप अग्रवाल ने कहा कि वे नौ सीखिये नहीं अपितु एक शिक्षक है। इस तरह की सायबर क्राइम घटनाओं ने रोजाना इजाफा होने के बावजूद इनमे से एक भी शातिर के पकड़े न जाना यह सायबर सेल की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगाता है।