‘आओ मुझे गिरफ्तार करो’, मराठा आरक्षण नेता मनोज जरांगे पाटिल की देवेंद्र फडणवीस को सीधी चुनौती
Manoj Jarange Patil Allegations: मराठा आरक्षण नेता मनोज जरांगे पाटिल ने देवेंद्र फडणवीस पर आरक्षण रिकॉर्ड रद्द कराने का आरोप लगाया। उन्होंने सरकार को गिरफ्तार करने की चुनौती दी है।
- Written By: अनिल सिंह
मराठा आरक्षण नेता मनोज जरांगे पाटिल (सोर्स-सोशल मीडिया)
Manoj Jarange Patil Allegations On Devendra Fadnavis: मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख नेता मनोज जरांगे पाटिल ने एक बार फिर महाराष्ट्र सरकार, विशेषकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला बोला है। जरांगे पाटिल ने आरोप लगाया है कि देवेंद्र फडणवीस, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले के माध्यम से मराठों के आरक्षण से संबंधित मूल रिकॉर्ड (वंशावली रिकॉर्ड) को रद्द करवाने की साजिश रच रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि उनके रिश्तेदारों और चचेरे भाइयों के जाति प्रमाण पत्र पहले ही रद्द कर दिए गए हैं। फडणवीस को सीधी चुनौती देते हुए जरांगे ने कहा कि वे उन्हें गिरफ्तार करवाएं, फिर देखा जाएगा।
मेरे रिश्तेदारों के प्रमाण पत्र रद्द किए गए
आक्रामक रुख अपनाते हुए मनोज जरांगे पाटिल ने मीडिया के सामने कई सवाल रखे। उन्होंने पूछा, “मैं किसके लिए लड़ रहा हूँ? सभी दलों के मराठा पुत्र-पुत्री भीख मांगने लगे हैं। मेरे रिश्तेदारों और चचेरे भाइयों के प्रमाण पत्र रद्द कर दिए गए हैं।” उन्होंने फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा, “फडणवीस बावनकुले के माध्यम से जड़ से काम क्यों कर रहे हैं?”
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जरांगे ने दावा किया कि उनके पास बावनकुले का पत्र है, जिसमें फडणवीस मराठों के रिकॉर्ड रद्द करने के लिए कह रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जाति सत्यापन समिति के निर्णय के अगले ही दिन प्रमाण पत्र कैसे रद्द हो गया?
“गरीबों के कल्याण के लिए पहले चुप था”
जरांगे पाटिल ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पहले उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की आलोचना क्यों नहीं की थी। उन्होंने कहा, “मैंने फडणवीस और शिंदे साहब की कभी आलोचना नहीं की। मुझे लगा था कि गरीबों का कल्याण सुनिश्चित होगा। मैंने राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं किया। मैंने उन्हें एक शब्द से भी आहत नहीं किया क्योंकि मैं गरीबों का कल्याण करना चाहता था।”
उन्होंने आरोप लगाया कि अब सरकार के दिमाग में कुछ चल रहा है और वे मराठों में गलतफहमी फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिंदे समिति द्वारा खोजे गए 58 लाख रिकॉर्ड वे नहीं देना चाहते।
मोदी लिपि का बहाना और मीडिया ट्रायल
जरांगे पाटिल ने सरकार द्वारा दिए जा रहे आंकड़ों पर भी सवाल उठाए। सरकार के उस दावे पर कि 2 लाख 60 हजार प्रमाण पत्र जारी किए गए, जिनमें से केवल 219 अमान्य हैं, जरांगे ने पूछा, “तो फिर उन्होंने मीडिया ट्रायल क्यों किया?”
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार यह बहाना बना रही है कि उसे ‘मोदी लिपि’ के विद्वान नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने इसे फडणवीस का ‘आखिरी दांव’ करार दिया और मराठों से एकजुट होने का आग्रह किया।
आओ मुझे गिरफ्तार करो, फिर देखेंगे
अपनी सुरक्षा और संभावित गिरफ्तारी को लेकर जरांगे पाटिल ने बेबाक बयान दिया। उन्होंने दावा किया, “मुझे शिंदे साहब और भाजपा नेताओं के फोन आते हैं, लेकिन मैं किसी का फोन नहीं उठाता। फडणवीस ने सारे हथकंडे आजमा लिए हैं, अब उनका आखिरी दांव शायद मुझ पर हमला करना या मुझे गिरफ्तार करना हो।”
फडणवीस को चेतावनी देते हुए जरांगे ने कहा, “आओ मुझे गिरफ्तार करो, फिर देखेंगे।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे ओबीसी (OBC) प्रमाणपत्र रद्द करने की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि मराठों को उनका हक दिलाने के लिए लड़ रहे हैं।
