सोलापुर के क्रिकेट समर कैंप में बड़ा हादसा, प्रैक्टिस के दौरान पिच रोलर की चपेट में आने से छात्र की मौत
Barshi Cricket Camp Accident: बार्शी के शिवशक्ति ग्राउंड में क्रिकेट समर कैंप में 15 वर्षीय छात्र आरव चौधरी की क्रिकेट पिच पर इस्तेमाल होने वाले भारी लोहे के रोलर की चपेट में आने से मौत हो गई।
- Written By: आंचल लोखंडे
Cricket Roller Accident (सोर्सः सोशल मीडिया)
Solapur Cricket Camp News: सोलापुर जिले के बार्शी शहर के शिवशक्ति ग्राउंड में क्रिकेट समर कैंप में एक भयानक हादसे में 15 साल के एक छात्र की मौत हो गई। नौवीं क्लास के छात्र आरव उर्फ वीरेन योगीराज चौधरी की मौत तब हो गई जब क्रिकेट पिच बनाने में इस्तेमाल होने वाला एक भारी लोहे का रोलर उसके ऊपर से गुजर गया। इस घटना से बार्शी शहर समेत पूरे स्पोर्ट्स सेक्टर में हलचल मच गई है और क्रिकेट कैंप में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक, बार्शी तालुका क्रिकेट एसोसिएशन की तरफ से शिवशक्ति ग्राउंड में गर्मियों में क्रिकेट ट्रेनिंग कैंप लगाया गया था। इस कैंप में शहर के कई स्टूडेंट्स क्रिकेट की ट्रेनिंग ले रहे थे। आरव चौधरी ने भी क्रिकेट का शौक होने की वजह से रेगुलर फीस देकर इस कैंप में हिस्सा लिया था। कैंप में कोच विवेक दुगम और अक्षय देबद्वार बच्चों को ट्रेनिंग दे रहे थे।
क्रिकेट कैंप में नाबालिगों से रोलर खिंचवाना पड़ा भारी
सुबह आरव हमेशा की तरह प्रैक्टिस के लिए ग्राउंड पर पहुंचा था। सुबह करीब 7:30 बजे जब प्रैक्टिस चल रही थी, तो 12 से 15 साल के लड़कों को क्रिकेट पिच को समतल करने के लिए इस्तेमाल होने वाले भारी लोहे के रोलर से खींचने का काम बच्चों से लिया जा रहा था। इसी बीच यह बुरी घटना हो गई।
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जब बच्चों का एक ग्रुप रोलर खींच रहा था, तो आरव का पैर अचानक फिसल गया। उसका बैलेंस बिगड़ गया और वह ज़मीन पर गिर गया, और आगे बढ़ रहा भारी रोलर उसके पैरों से होते हुए सीने तक उसके शरीर से गुज़र गया। क्योंकि रोलर बहुत भारी था, इसलिए आरव को अंदर से गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद मैदान में अफ़रा-तफ़री मच गई और वहां मौजूद बच्चों में डर का माहौल बन गया।
… तो टाला जा सकता था हादसा
घटना के बाद कोच और दूसरे लोग आरव को तुरंत इलाज के लिए बार्शी के जगदाले मामा हॉस्पिटल ले गए। लेकिन, हॉस्पिटल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से चौधरी परिवार में दुख का पहाड़ टूट पड़ा है।
इस बीच, आरव के पिता योगीराज चौधरी ने इस घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या नाबालिगों से इतने भारी सामान के साथ काम करवाना सही था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब रोलर खींचा जा रहा था, तब कोच या संबंधित स्टाफ मौके पर मौजूद नहीं था। परिवार का कहना है कि अगर सही देखरेख और सुरक्षा के उपाय किए जाते तो यह हादसा टाला जा सकता था।
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सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस बुरी घटना के बाद, इस बात पर चर्चा शुरू हो गई है कि क्रिकेट ट्रेनिंग कैंप में बच्चों की सुरक्षा के लिए कौन से नियम माने जाते हैं, क्या नाबालिगों को भारी सामान संभालने की इजाज़त है, और कोच की क्या ज़िम्मेदारी है। स्थानीय लोगों ने मामले की पूरी जांच और ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ़ कार्रवाई की मांग की है।
आरव चौधरी क्रिकेट प्रेमी और होनहार स्टूडेंट के तौर पर जाने जाते थे। उनके अचानक निधन पर दोस्तों, परिवार, टीचरों और खेल जगत की हस्तियों ने अपनी संवेदनाएं ज़ाहिर की हैं। इस घटना से बार्शी में खेल समुदाय में दुख फैल गया है, और ऐसे हादसे दोबारा न हों, इसके लिए कड़े सुरक्षा नियम लागू करने की मांग की जा रही है।
