सिंधुदुर्ग के मूठ गांव का बड़ा कीर्तिमान! 100% Digital Census पूरा करने वाला महाराष्ट्र का पहला गांव बना
Digital Census 2027 Maharashtra: सिंधुदुर्ग के मूठ गांव ने डिजिटल जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना की प्रक्रिया शत-प्रतिशत पूरी कर ली है।अधिकारियों और ग्रामीणों के तालमेल ने इस गांव को मिसाल बना दिया।
- Written By: आकाश मसने
जनगणना 2027 के लिए सेल्फ एन्यूमरेशन की प्रक्रिया करते सिंधुदुर्ग जिले के मूठ गांव का ग्रामीण व अधिकारी (सोर्स: एक्स@MahaDGIPR)
Sindhudurg Muth Village Complete Digital Census 2027: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 1 मई को अपने सरकारी आवास वर्षा बंगले में स्वयं की गणना कर महाराष्ट्र में Digital Census 2027 अभियान का आधिकारिक शुभारंभ किया था। इसी जनगणना अभियान के तहत सिंधुदुर्ग जिले के मूठ गांव बड़ा कीर्तिमान रच दिया है। यह राज्य का पहला ऐसा गांव बन गया है जिसने अपनी संपूर्ण स्व-गणना प्रक्रिया पूरी कर ली है। यह सब राजस्व अधिकारियों और स्थानीय ग्रामीणों के बीच समन्वित प्रयासों के माध्यम से संभव हो सका है।
मुख्य जनगणना अधिकारी निरुपमा जे. डांगे ने राज्य भर के अन्य गांवों से अपील की है कि वे मूठ गांव के उदाहरण का अनुसरण करें और अपनी-अपनी स्व-गणना प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करें।
सिंधुदुर्ग जिले के इस गांव के प्रत्येक घर ने स्व-गणना प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि जिला कलेक्टर तृप्ति धोडमिसे के मार्गदर्शन में तथा स्थानीय प्रशासन और नागरिकों दोनों की सक्रिय भागीदारी से हासिल की गई।
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मूठ गांव में कितनी जनसंख्या है?
सिंधुदुर्ग जिले की वेंगुर्ला तालुका में स्थित मूठ गांव की कुल जनसंख्या 144 है। इस गांव में 36 घर और 43 परिवार रहते हैं। गांव के सभी परिवारों ने स्व-गणना प्रक्रिया में पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और अपनी जानकारी पूर्ण सटीकता के साथ जमा की।
#स्वगणना मोहिमेत #सिंधुदुर्ग जिल्ह्यातील #वेंगुर्ला तालुक्यातील #मूठ गावाने उल्लेखनीय कामगिरी करत राज्यात पहिले पूर्ण स्वगणना करणारे गाव म्हणून मान पटकावला आहे. राज्यातील इतर गावांनीही मूठ गावाचा आदर्श घेऊन स्वगणना प्रक्रिया वेळेत पूर्ण करावी, असे आवाहन महाराष्ट्र राज्याच्या… pic.twitter.com/BvXkv63S2l — MAHARASHTRA DGIPR (@MahaDGIPR) May 8, 2026
तहसीलदार ओंकार ओतारी द्वारा की गई सूक्ष्म योजना इस पहल की सफलता में अत्यंत सहायक सिद्ध हुई। इसके अतिरिक्त, नायब तहसीलदार, सर्कल अधिकारियों और सभी *तलाठियों* के लगन भरे प्रयासों ने यह सुनिश्चित किया कि यह अभियान प्रभावी ढंग से और निर्धारित समय पर पूरा हो। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की अपील पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और अपने सहयोग के माध्यम से इसमें एक निर्णायक भूमिका निभाई।
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मूठ गांव की यह उपलब्धि सिंधुदुर्ग जिले और महाराष्ट्र राज्य दोनों के लिए एक प्रेरणा का काम करेगी। यह एक बार फिर इस तथ्य को रेखांकित करती है कि प्रशासन और नागरिकों के बीच प्रभावी समन्वय के माध्यम से किसी भी लक्ष्य को सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा सकता है।
क्या है सेल्फ-एन्यूमरेशन?
जनगणना 2027 की सबसे बड़ी विशेषता इसका डिजिटल स्वरूप है। ‘सेल्फ-एन्यूमरेशन’ एक ऐसी सुविधा है जिसके माध्यम से परिवार का कोई भी एक जिम्मेदार सदस्य आधिकारिक वेब पोर्टल पर जाकर अपने घर और सदस्यों की जानकारी ऑनलाइन भर सकता है। यह प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित है और डेटा की सटीकता सुनिश्चित करती है।
जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत महाराष्ट्र में स्व-गणना की प्रक्रिया एक मई से शुरू हुई है, जो 15 मई तक चलेगी। इसके बाद, 16 मई से 14 जून तक घरों की सूची तैयार करने और आवास गणना का कार्य किया जाएगा।
