EXPLAINER: भारत की पहली डिजिटल जनगणना, अब खुद दर्ज करें अपनी जानकारी, जानें सेल्फ एन्यूमरेशन की पूरी प्रक्रिया

How to fill Census 2027 online: भारत का पहला Digital Census 2027 शुरू! महाराष्ट्र में 15 मई तक सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल खुला रहेगा। जानें कैसे अपनी जानकारी दर्ज कर SE ID प्राप्त करें ?
EXPLAINER: India's First Digital Census Now Record Your Information Yourself; Learn the Complete Process of Self-Enumeration
सेल्फ एन्यूमरेशन करते हुए CM देवेंद्र फडणवीस व परिवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Digital Census 2027 Self Enumeration Process: भारत के सांख्यिकीय इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने सरकारी आवास वर्षा में स्वयं की गणना कर महाराष्ट्र में Digital Census 2027 अभियान का आधिकारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उनके साथ उनकी पत्नी अमृता फडणवीस और बेटी दिविजा फडणवीस भी उपस्थित थीं। यह अभियान डिजिटल इंडिया की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है, क्योंकि पहली बार देश के नागरिकों को अपनी जानकारी स्वयं ऑनलाइन भरने का विकल्प दिया जा रहा है।

क्या है सेल्फ-एन्यूमरेशन (Self-Enumeration)?

जनगणना-2027 की सबसे बड़ी विशेषता इसका डिजिटल स्वरूप है। 'सेल्फ-एन्यूमरेशन' एक ऐसी सुविधा है जिसके माध्यम से परिवार का कोई भी एक जिम्मेदार सदस्य आधिकारिक वेब पोर्टल पर जाकर अपने घर और सदस्यों की जानकारी ऑनलाइन भर सकता है। यह प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित है और डेटा की सटीकता सुनिश्चित करती है।

महाराष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण समय-सीमा

महाराष्ट्र की चीफ प्रिंसिपल सेंसस ऑफिसर, डॉ. निरुपमा जे. डांगे के अनुसार, राज्य में इस अभियान को दो चरणों में क्रियान्वित किया जा रहा है:

  • सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल: यह सुविधा 1 मई से 15 मई, 2026 तक खुली रहेगी।
  • एन्यूमरेटर्स का दौरा: जो लोग ऑनलाइन डेटा नहीं भर पाएंगे, उनके लिए जनगणना कर्मी 16 मई से 14 जून, 2026 के बीच घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे।
  • दो मुख्य चरण: हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस (अप्रैल-सितंबर 2026) और मुख्य जनसंख्या गणना (फरवरी 2027)।

सेल्फ-एन्यूमरेशन कैसे करें?

इस डिजिटल प्रक्रिया को बेहद सरल और सुलभ बनाया गया है, सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट se.census.gov.in पर जाएं। यह पोर्टल अंग्रेजी सहित 15 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। अपने मोबाइल नंबर का उपयोग करके पोर्टल पर लॉग-इन करें और ओटीपी (OTP) के जरिए सत्यापन करें। घर और परिवार के सदस्यों से जुड़ी जानकारी दर्ज करें। इस प्रक्रिया में लगभग 15-20 मिनट का समय लगता है।

ध्यान रहे, किसी भी दस्तावेज को अपलोड करने की आवश्यकता नहीं है। सफल सबमिशन के बाद, एक यूनिक सेल्फ-एन्यूमरेशन ID जेनरेट होगी, जो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल और ईमेल पर भेजी जाएगी। जब एन्यूमरेटर आपके घर आए, तो उन्हें यह SE ID दिखाएं। वे डेटा को वेरिफाई और वैलिडेट करेंगे, जिसके बाद ही आपकी गणना पूर्ण मानी जाएगी।

EXPLAINER: India's First Digital Census—Now Record Your Information Yourself; Learn the Complete Process of Self-Enumeration
सेल्फ एन्यूमरेशन की प्रक्रीया (सोर्स: डिजाइन फोटो)

डिजिटल जनगणना के 5 प्रमुख लाभ

  • सुविधा और समय की बचत: नागरिकों को जनगणना कर्मियों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, वे अपनी सुविधा के अनुसार जानकारी भर सकते हैं।
  • डेटा सटीकता: सीधे नागरिकों द्वारा जानकारी भरने से मानवीय त्रुटियों (Human Errors) की संभावना कम हो जाती है।
  • उच्च स्तरीय सुरक्षा: सारा डेटा एन्क्रिप्टेड फॉर्म में सरकारी सर्वर पर स्टोर होता है। साइबर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
  • पारदर्शिता: यह प्रक्रिया कागज़-रहित (Paperless) और पारदर्शी है, जो "डिजिटल इंडिया" के विजन को मजबूती देती है।
  • निजता: संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी सीधे परिवार के सदस्य द्वारा पोर्टल पर दर्ज की जाती है, जिससे गोपनीयता बनी रहती है।

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साइबर ठगी से बचें

महाराष्ट्र सरकार ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जनगणना से जुड़े सभी आधिकारिक एसएमएस (SMS) केवल RGICEN कीवर्ड वाले सेंडर आईडी, जैसे AD-RGICEN-S से ही आएंगे। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और हमेशा आधिकारिक URL ही चेक करें।

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