- Hindi News »
- Maharashtra »
- Shock To The Shinde Fadnavis Government The Court Gave This Order Read Full News
शिंदे-फडणवीस सरकार को झटका, कोर्ट ने दिया यह आदेश; पढ़ें पूरी खबर
- Written By: शफीउल्ला हुसैनी

File - Photo
छत्रपति संभाजीनगर : मुंबई उच्च न्यायालय (Mumbai High Court) की छत्रपति संभाजीनगर खंडपीठ ने आज स्पष्ट आदेश दिया कि महाविकास आघाड़ी सरकार (Mahavikas Aghadi Government) द्वारा स्वीकृत लेकिन शिंदे-फडणवीस सरकार (Shinde-Fadnavis Government) द्वारा स्थगित किए गए बजट में स्वीकृत विकास कार्यों को पूर्ववत कर उसके अनुसार निर्णय लेने के आदेश मुंबई उच्च न्यायालय के छत्रपति संभाजीनगर खंडपीठ ने शुक्रवार को दिए। यह आदेश उन वादियों के कार्यों तक सीमित है। जिन्होंने रिट याचिका दायर की थी और उक्त आदेश से महाविकास आघाड़ी को बड़ी राहत मिली है। जबकि शिंदे-फडणवीस सरकार को बड़ा झटका लगा है।
राज्य में तत्कालीन महाविकास आघाड़ी सरकार ने वर्ष 2021-22 और 2022-23 के बजट को मंजूरी दी और प्रशासनिक स्वीकृति और तकनीकी स्वीकृति दी थी। परंतु राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद शिंदे फडणवीस सरकार के अस्तित्व में आने के तुरंत बाद विकास कार्यों को तत्काल स्थगिति दी थी। उक्त रोक विभिन्न विकास कार्यों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों द्वारा सुझाए गए कार्यों को भी दी गई थी। इस रोक के कारण प्रदेशभर में स्वीकृत सभी विकास कार्य ठप पड़े हैं।
जल संरक्षण विभाग के सचिव को नोटिस जारी
सरकार के इस फैसले के खिलाफ हिंगोली जिले के अंबड तालुका, घनसावांगी तालुका, जालना तालुका और वसमत तालुका के जनप्रतिनिधियों ने मुंबई उच्च न्यायालय के छत्रपति संभाजीनगर खंडपीठ में याचिका दायर की थी। जिसमें वसमत के विधायक राजू नवघरे, जालना जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष सतीश टोपे, पूजा कल्याण सपाटे आदि ने एडवोकेट संभाजी टोपे द्वारा रिट याचिका दायर की थी। इस मामले में राज्य के मुख्य सचिव सहित, नियोजन, ग्राम विकास, आदिवासी, नगर विकास, मृद और जल संरक्षण विभाग के सचिव को नोटिस जारी की थी। उसमें न्यायालय ने इससे पूर्व ही मंजूर हुए कार्य रद्द न करने के अंतरित आदेश दिए थे।
सम्बंधित ख़बरें
छत्रपति संभाजीनगर: साइबर अपराध पर जागरूकता, 100 शहरों में कार्यक्रम,फर्जी लिंक और कॉल से सावधान; पुलिस की अपील
‘मैं भी आयुक्त बनूंगा’: खेल और संवाद से प्रेरित हुए नन्हे सपने, स्मार्ट स्कूल पहल से नई उड़ान; छात्रों ने आयुक
छत्रपति संभाजीनगर: नोटिस पर रुकी कार्रवाई? फूलबाजार में जर्जर इमारतों का खतरा, प्रशासन मौन
छत्रपति संभाजीनगर : जायकवाड़ी पंप हाउस ठप, तकनीकी खामियों से चरमराई जलव्यवस्था, नागरिकों में नाराजगी
कैबिनेट में बैठक कर प्रस्ताव लिया जाए
सुनवाई के दौरान चूंकि महाविकास आघाड़ी सरकार के दौरान स्वीकृत विकास कार्यों को दोनों सदनों में बजट में स्वीकृत किया गया था और तत्कालीन राज्यपाल के अनुमोदन के बाद इन विकास कार्यों को संविधान के अनुसार निलंबित नहीं किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि यदि सरकार की प्रक्रियाओं और नियमों के अनुसार कोई महत्वपूर्ण निर्णय लिया या रद्द किया जाना है, तो कैबिनेट को एक उचित बैठक करनी चाहिए और कैबिनेट में एक प्रस्ताव लेना चाहिए। राज्य की तत्कालीन महाविकास आघाड़ी सरकार द्वारा मंजूर किए हुए कार्य स्थगित करते समय किसी प्रकार की कानूनी प्रक्रिया पर अमलीजामा न पहनाते हुए सिर्फ एक आदेश जारी कर यह काम स्थगित किए गए। इसलिए विविध विकास कार्यों को ब्रेक लगा है। इस तरह की जिरह एडवोकेट टोपे ने की।
फंड के हिसाब से काम करने की मांग
सुनवाई के दरमियान कई कामों पर स्थगिति उठाने की जानकारी सरकार की ओर से हाजिर हुए एडवोकेट ज्ञानेश्वर काले ने पैरवी करते हुए दी। इस पर एडवोकेट टोपे ने न्यायालय को बताया कि राज्य सरकार ने सत्ताधारी विधायकों के कार्यों पर लगी स्थगिति हटायी है। जबकि, विरोधी दलों के जनप्रतिनिधियों के कार्यों पर स्थगिति बरकरार है। याचिका में महाविकास आघाड़ी सरकार के काल में मंजूर किए गए निधि के अनुसार काम करने की विनंती की गई। हाल ही में याचिका की अंतिम सुनवाई होकर निर्णय सुरक्षित रखा गया था। शुक्रवार को न्यायालय ने अंतरिम आदेश देते हुए दायर याचिका कर्ता के सभी कार्यों से स्थगिति हटाई है।
Shock to the shinde fadnavis government the court gave this order read full news
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
‘टी20 मैच ऐसे नहीं खेला जाता…’ SA से मिली हार पर गुस्से लाल-पीले हुए सुनील गावस्कर, बल्लेबाजों की दी चेतावनी
Feb 23, 2026 | 05:01 PM‘ब्लैक बॉक्स सुरक्षित, 70% सबूत मेरे पास’, अजित पवार विमान हादसे को लेकर रोहित पवार का बड़ा खुलासा, मचा हड़कंप
Feb 23, 2026 | 05:00 PMअमरावती जिला अस्पताल के ICU पर भारी दबाव, 10 महीने में 1387 मरीज भर्ती, संसाधनों की कमी से 245 ने तोड़ा दम
Feb 23, 2026 | 04:59 PMथिएटर्स के बाद OTT पर धमाल मचाने को तैयार सूरज बड़जात्या, अपकमिंग वेब सीरीज को लेकर कही ये बात
Feb 23, 2026 | 04:57 PM‘शरद पवार न होते तो जल उठता महाराष्ट्र’, बजट सत्र में भास्कर जाधव ने अजित पवार के निधन पर जताया बड़ा संशय
Feb 23, 2026 | 04:55 PM326 दिन-दुर्गम इलाका और 7 खूंखार आतंकी! ARMY ने सुनाई ऑपरेशन त्राशी-1 की कहानी, रोमांचित कर देगा सेना का शौर्य
Feb 23, 2026 | 04:51 PMT20 World Cup: सेमीफाइनल के लिए पाकिस्तान को जीत जरूरी, इंग्लैंड के खिलाफ है बेहद खराब रिकॉर्ड
Feb 23, 2026 | 04:49 PMवीडियो गैलरी

रीवा में पोस्टर वार: ‘ब्रेनलेस और स्टुपिडिटी’ शब्दों से BJP ने कांग्रेस को घेरा; राहुल गांधी पर सीधा हमला
Feb 22, 2026 | 01:07 PM
BHU में ठांय-ठांय, बिरला हॉस्टल के पास छात्र गुटों में भिड़ंत; उठी चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग
Feb 22, 2026 | 12:54 PM
मां के प्यार को तरसा नन्हा बंदर: खिलौने को बनाया सहारा, जापान के ‘पंच’ की रुला देने वाली कहानी हुई वायरल
Feb 21, 2026 | 08:32 PM
AI Summit 2026: दिल्ली की सड़कों पर पैदल चलने को मजबूर विदेशी मेहमान, अव्यवस्था देख बोले- ‘तभी टैलेंट देश…’
Feb 21, 2026 | 08:23 PM
हाथरस के इस पिता को सलाम! दिव्यांग बेटी के सपनों के लिए अपनी पीठ को बनाया कंधा, देखें यह वायरल VIDEO
Feb 21, 2026 | 03:35 PM
ग्रेटर नोएडा के रयान स्कूल में शर्मनाक लापरवाही! 1 घंटे तक बाथरूम में बंद रही छात्रा, उल्टा लिखवाया माफीनामा
Feb 21, 2026 | 03:29 PM














