गोरेगांव मृणालताई गोरे फ्लाईओवर में देरी पर BMC सख्त, ठेकेदार पर रोज 1 लाख जुर्माना

Goregaon Mrinaltai Gore Flyover Update: गोरेगांव स्थित मृणालताई गोरे फ्लाईओवर एक्सटेंशन परियोजना में लगातार देरी के बाद बीएमसी ने ठेकेदार पर प्रतिदिन 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाना शुरू कर दिया है।
Goregaon Mrinaltai Gore Flyover Delay
मुंबई का मृणालताई फ्लाईओवर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Goregaon Mrinaltai Gore Flyover Delay: पिछले सात वर्षों से लंबित गोरेगांव स्थित मृणालताई गोरे फ्लाईओवर विस्तार (एक्सटेंशन) परियोजना की धीमी प्रगति पर आखिरकार बीएमसी ने कड़ा रुख अपनाया है।

नई अंतिम समय सीमा समाप्त होने के बावजूद कार्य पूरा नहीं होने पर बीएमसी ने संबंधित ठेकेदार पर प्रतिदिन 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाना शुरू कर दिया है। यह दंड 12 मई से लागू किया गया है।

अब मनपा ने इस फ्लाईओवर का कार्य 31 मई तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, जोगेश्वरी के रिलिफ रोड को सीधे ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से जोड़ने वाले इस फ्लाईओवर के कुछ अंतिम चरण के कार्य अभी भी अधूरे हैं। इनमें मुख्य रूप से सिग्नल प्रणाली की स्थापना, बिजली के खंभों और विद्युत कनेक्शन का कार्य, वर्षा जल निकासी पाइपलाइन का काम शामिल हैं।

यह फ्लाईओवर जल्द से जल्द शुरू होना चाहिए। 7 वर्षों से फ्लाईओवर एक्सटेंशन का काम अटका है। कई वर्षों से मैं खुद इस प्रयास में लगा रहा कि एक्सटेंशन का काम पूरा हो, लेकिन बीएमसी का रवैया ढीला रहा है, यह गोरेगांव की जनता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है जिससे यात्रा की दूरी घटेगी और ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। - संदीप पटेल, नगरसेवक बीजेपी वार्ड 58

परियोजना अभियंता की कड़ी आलोचना

  • इसके अलावा पुल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक 'लोड टेस्ट' (भार क्षमता परीक्षण) की रिपोर्ट भी अभी प्राप्त होना बाकी है। इस परियोजना की समयसीमा पहले 30 अप्रैल 2026 तक बढ़ाई गई थी।
  • ठेकेदार की ओर से एलपीजी की कमी के कारण 'मास्टिक मिक्सर' संबंधी कार्य प्रभावित होने का कारण बताया गया था। हालांकि, बढ़ी हुई अवधि में भी काम पूरा नहीं होने पर बीएमसी ने 1 मई से ठेकेदार पर प्रतिदिन 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था।
  • बाद में इसे बढ़ाकर 12 मई से सीधे 1 लाख रुपये प्रतिदिन कर दिया गया। बीते मार्च महीने में सभागृह नेता गणेश खणकर ने स्थायी समिति की बैठक में सलाहकार और परियोजना अभियंता की कड़ी आलोचना की। इसके बाद मृणालताई गोरे फ्लाईओवर की 40 करोड़ रुपये की लागत वृद्धि का प्रस्ताव स्थायी समिति द्वारा स्थगित कर दिया गया।

लोखंडवाला-ओशिवरा निवासियों को मिलेगा राहत

बता दें कि फ्लाईओवर के विस्तार कार्य में लागत में हुए बदलाव का प्रस्ताव हाल ही में स्थायी समिति की बैठक में पेश किया गया था। इस दौरान खणकर ने सुझाव दिया कि समिति सदस्यों को परियोजना स्थल पर ले जाकर काम की वर्तमान स्थिति दिखाई जाए।

साथ ही, सदस्यों के सवालों के जवाब देने के लिए परियोजना सलाहकार और अभियंता, बैठक में उपस्थित रहे, ऐसी मांग भी उन्होंने की। यह परियोजना 'एमईपीएल-ज्ञान जेवी' कंपनी द्वारा क्रियान्वित की जा रही है। सात वर्षों की देरी के कारण परियोजना की मूल लागत 209.64 करोड़ रुपये से बढ़कर 247.97 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

अधिकारियों के अनुसार, फ्लाईओवर चालू होने के बाद लोखंडवाला और ओशिवरा क्षेत्र के निवासियों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे अंधेरी के लोखंडवाला इलाके से मुंबई के उत्तर या दक्षिण दिशा में यात्रा करने वाले लोगों का लगभग 15 मिनट समय बचेगा, यह मुंबई का एकमात्र फ्लाईओवर है जिसकी दो लेन ईस्टर्न एक्सप्रेस हायवे के दोनों ओर सीधा संपर्क प्रदान करती है।

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