शिवलिंग की स्थापना में रखें ध्यान (सौ.सोशल मीडिया)
नागपुर: भगवान शिव की उपासना, आराधना, तपस्या और सत्संग के लिए उत्तम पवित्र श्रावण मास का शुभारंभ सोमवार, 22 जुलाई से हो गया है, मराठी संस्कृति में श्रावण मास की शुरुआत 15 दिन के बाद होगी। उत्तर भारतीय परंपरा से जुड़े लोगों का श्रावण मास इसी सोमवार से आरंभ हो रहा है जिससे भक्तों में विशेष उल्लास है।विदर्भ में अत्यंत प्राचीन काल से भगवान शिव की उपासना की जा रही है और नगरों के साथ ही जंगलों, नदी के तीर व पहाड़ों में प्राचीन काल से शिवजी के मंदिर स्थित हैं. इस बार पूरे सावन में कुल 5 सोमवार के दिन पड़ेंगे।
हिंदू कैलेंडर का पांचवा महीना श्रावण मास होता है. साधु-संन्यासी वर्षा के चार महीने एक ही स्थान पर रुककर धार्मिक ग्रंथों का अभ्यास करते हैं और अपने शिष्यों को अध्ययन कराते हैं. श्रावण मास का हर दिन अत्यंत फलदायी होता है, लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि श्रावण मास में पड़ने वाले सोमवार का विशेष महत्व होता है. ऐसा कहा जाता है कि जो व्यक्ति सावन सोमवार का व्रत रखता है उसका पारिवारिक जीवन सुखी रहता है. साथ ही इस व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि का कभी अभाव नहीं रहता. ऐसा माना जाता है कि सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा करने से वह जल्दी प्रसन्न होते हैं।
विदर्भ क्षेत्र अत्यंत प्राचीन समय से राजाओं और शिवभक्तों का क्षेत्र रहा है. इसीलिए इस क्षेत्र के हर नगर में और वनों में शिव मंदिर स्थापित हैं. सावन महीने में इन मंदिरों में भक्त दर्शन करने पहुंचते हैं. ये सभी विदर्भ के तीर्थ हैं. इनमें गोंदिया में नागराधाम, गढ़चिरोली में अतिप्राचीन मार्कंडेश्वर महादेव, अमरावती में कौंडेश्वर, तपोवनेश्वर, गडगड़ेश्वर, भूतेश्वर, नांदगांव खंडेश्वर, चांदूर रेलवे में पातालेश्वर, दर्यापुर के लासूर में आनंदेश्वर, यवतमाल जिले में केदारेश्वर महादेव मंदिर, कमलेश्वर लोहारा, अकोला नगर में राजेश्वर मंदिर, बारह ज्योतिर्लिंग मंदिर तहसीलों में अन्य छोटे मंदिर, वर्धा जिले में कोटेश्वर मंदिर देवली उत्तर वाहिनी, पिपरी पोहना में सिद्धेश्वर महादेव, वर्धा नगर में प्राचीन महादेव मंदिर महादेवपुरा, चंद्रपुर नगर में अंचलेश्वर, वरोरा तहसील में भटाला गांव में पुरातन मंदिर, भंडारा जिले में खामतला रोड पर स्थित शिव मंदिर शामिल है।
अंबरनाथ पूर्व स्थित लगभग 960 वर्ष पुराने ऐतिहासिक पुरातन कालीन शिव मंदिर में सावन माह की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं. पूरे माह भक्तों का तांता लगा रहता है. विशेषकर सावन के सोमवार को ज्यादा भीड़ रहती है. बाजारों में भी विशेष चहल पहल बढ़ जाती है. पूजन सामग्री, उपवास में खाने वाली सामग्रियों की मांग बढ़ जाती है. देखा गया है की इस महीने में फलों की कीमतों में बढ़ोत्तरी हो जाती है. सावन मास में लोगों का रुझान शुद्ध सात्विक भोज्य पदार्थों की ओर बढ़ जाता है।
इस साल का सावन सोमवार अतिशुभ फलदायी है क्योंकि पहले सोमवार और अंतिम सोमवार पर सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, जो शिव भक्तों के मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए अच्छा है. यह योग सभी कार्यों को सिद्ध करने की क्षमता रखता है, ऐसी मान्यता है. इतना ही नहीं, पहली सोमवारी पर प्रीति योग और अंतिम पर शोभन योग बन रहा है. ये दोनों भी शुभ योग माने जाते हैं। इस साल सावन सोमवार की तारीख और 5 सावन सोमवार पर कौन-कौन से योग, नक्षत्र और तिथि हैं. वह इस तरह से है.
1. पहला सावन सोमवार, 22 जुलाई को
2. दूसरा सावन सोमवार, 29 जुलाई को
3. तीसरा सावन सोमवार, 5 अगस्त को
4. चौथा सावन सोमवार, 12 अगस्त को
5. पांचवा सावन सोमवार, 19 अगस्त को होगा।
पहला सोमवार 22 जुलाई, दूसरा सोमवार 29 जुलाई, तीसरा सोमवार – 5 अगस्त, चौथा सोमवार – 12 अगस्त, पांचवां सोमवार व्रत – 19 अगस्त को आएगा. पहला मंगला गौरी व्रत- 23 जुलाई, दूसरा मंगला गौरी व्रत- 30 जुलाई, तीसरा मंगला गौरी व्रत- 6 अगस्त, चौथा मंगला गौरी व्रत- 13 अगस्त, सावन महीने की शिवरात्रि बहुत खास होती है. हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है. शुक्रवार, 2 अगस्त को सावन महीने की शिवरात्रि पड़ेगी. पंचांग के अनुसार, सावन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का आरम्भ 2 अगस्त को दोपहर 3:26 बजे से होगा और 3 अगस्त को दोपहर 3:50 बजे समाप्त होगा. शिवरात्रि की पूजा निशिथ काल में की जाती है इसलिए सावन की शिवरात्रि 2 अगस्त को मनाई जाएगी।
सावन का पहला सोमवार आज से शुरू हो गया है. अब अगले एक महीने शिव मंदिर में भक्तों की भीड़ लगेगी. शहर में कई प्रसिद्ध शिव मंदिर है. धारेश्वर मंदिर जो धायरी पुणे में स्थित है. तारकेश्वर जो येरवडा में स्थित है. बाणेश्वर मंदिर जो बाणेर में है. पेशवाकालीन ओंकारेश्वर मंदिर जो शनिवार पेठ में स्थित है. पातालेश्वर मंदिर जंगली महाराज रोड के किनारे है. अमृतेश्वर मंदिर जो वानवडी में स्थित है. यहां सावन के सोमवार को हजारों शिवभक्त आते है