Rahuri Bypoll: ‘बारामती में नहीं, लेकिन राहुरी में ठोकेंगे ताल’; शरद पवार गुट के शशिकांत शिंदे का चुनावी ऐलान
Rahuri Bypoll 2026: शशिकांत शिंदे का बड़ा ऐलान- शरद पवार गुट राहुरी उपचुनाव लड़ेगा। बोले, "बीजेपी से कोई फोन नहीं आया, हम पीछे नहीं हटेंगे।"
- Written By: अनिल सिंह
Shashikant Shinde Rahuri Bypoll (डिजाइन फोटो)
Shashikant Shinde Rahuri Bypoll: महाराष्ट्र की राजनीति में जहाँ एक ओर बारामती उपचुनाव निर्विरोध होने की ओर बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर राहुरी सीट को लेकर सियासी संग्राम छिड़ गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पार्टी राहुरी उपचुनाव पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी। शिंदे का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बारामती में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सुनेत्रा पवार के खिलाफ अपने कदम पीछे खींच लिए हैं।
शशिकांत शिंदे ने मीडिया से बात करते हुए साफ कहा कि राहुरी में ‘मैत्रीपूर्ण’ या ‘निर्विरोध’ चुनाव जैसी कोई स्थिति नहीं है।
“बीजेपी से नहीं आया कोई फोन”
बारामती में सुनेत्रा पवार के लिए भाजपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) ने विपक्षी नेताओं से संपर्क कर चुनाव निर्विरोध कराने की अपील की थी, जिसका असर भी देखने को मिला। हालांकि, राहुरी के मामले में स्थिति अलग है। शशिकांत शिंदे ने कहा, “बारामती की परंपरा अलग हो सकती है, लेकिन हम राहुरी चुनाव लड़ रहे हैं। हमें इस संबंध में अभी तक भाजपा या महायुति के किसी भी नेता का फोन नहीं आया है और न ही हम पीछे हटने का कोई इरादा रखते हैं।”
सम्बंधित ख़बरें
महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में बड़ा हादसा, पुलिस मुख्यालय में ट्रेनिंग के दौरान फटा हैंड ग्रेनेड, 4 जवान घायल
अहिल्यानगर में पाइपलाइन रोड पर गैंग का आतंक, युवक पर हमला कर हवा में फायरिंग, इलाके में दहशत
पहले PM मोदी को दिया बेटी की शादी का न्यौता, फिर पेट्रोल-डीजल को लेकर साधा निशाना, सुप्रिया सुले ने क्या कहा?
संसद रत्न पुरस्कार 2026: महाराष्ट्र के इन 5 सांसदों का बजा डंका, सुनेत्रा पवार और एकनाथ शिंदे ने दी बधाई
ये भी पढ़ें- मुंबई: मलाड के दंगाइयों के घर पर चला बुलडोजर, आरोपी पर ड्रग्स तस्करी का भी आरोप
राहुरी में सियासी समीकरण
राहुरी उपचुनाव शरद पवार गुट के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। शशिकांत शिंदे के नेतृत्व में पार्टी यहाँ महायुति के उम्मीदवार को कड़ी चुनौती देने की तैयारी कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शरद पवार गुट राहुरी के जरिए यह संदेश देना चाहता है कि वे हर सीट पर महायुति के साथ ‘समझौता’ करने के मूड में नहीं हैं। बारामती में सुनेत्रा पवार के प्रति ‘पारिवारिक और भावनात्मक’ कारणों से विपक्षी दल नरम पड़े हैं, लेकिन राहुरी में वे आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं।
बीजेपी की रणनीति पर नजर
कांग्रेस द्वारा बारामती से नामांकन वापस लेने के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या भाजपा राहुरी में भी निर्विरोध चुनाव के लिए कोई कूटनीतिक चाल चलेगी। लेकिन शशिकांत शिंदे के कड़े तेवरों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राहुरी का चुनावी मैदान खाली नहीं रहने वाला है। शिंदे ने कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों में जुटने के निर्देश दे दिए हैं। आगामी कुछ दिनों में राहुरी का राजनीतिक पारा और चढ़ने की उम्मीद है।
