AIMIM ही निदा खान मामले में शामिल, मंत्री संजय शिरसाट का असदुद्दीन ओवैसी पर बड़ा हमला
Nashik TCS Case: मंत्री संजय शिरसाट ने दावा किया कि नासिक केस की आरोपी निदा खान को संभाजीनगर में AIMIM ने पनाह दी थी। उन्होंने ओवैसी पर कार्रवाई की मांग की है।
- Written By: गोरक्ष पोफली
संजय शिरसाट (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Sanjay Shirsat Slams Owaisi: नासिक टीसीएस (TCS) मामले की मुख्य आरोपी निदा खान की गिरफ्तारी और उस पर असदुद्दीन ओवैसी के बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में घमासान मच गया है। राज्य के मंत्री संजय शिरसाट ने AIMIM पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा है कि यह पूरी साजिश सुनियोजित थी और इसमें पार्टी की सीधी संलिप्तता है।
छत्रपति संभाजीनगर में दिया गया आश्रय
संजय शिरसाट ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि निदा खान को गिरफ्तारी से पहले काफी समय तक संरक्षण दिया गया था। उन्होंने कहा, एआईएमआईएम खुद निदा खान मामले में शामिल है। उसे 30 से 40 दिनों तक छत्रपति संभाजीनगर में शरण दी गई थी। शिरसाट के इस बयान ने जांच एजेंसियों के लिए एक नया सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या निदा खान को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था?
पेड वर्कर और उकसावे की राजनीति
मंत्री शिरसाट ने निदा खान की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उसे एक पेड वर्कर (पैसे लेकर काम करने वाली) करार दिया। उन्होंने कहा कि उसने वही किया जो उसे करने के लिए कहा गया था। असदुद्दीन ओवैसी द्वारा निदा खान के समर्थन में दिए गए बयानों पर पलटवार करते हुए शिरसाट ने कहा, ओवैसी ने ऐसे बयान देकर लोगों को भड़काने का काम किया है व उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। शिरसाट ने दावा किया कि ओवैसी इस मामले में अकेले पड़ गए हैं और किसी भी अन्य प्रमुख मुस्लिम नेता ने उनके इस रुख का समर्थन नहीं किया है।
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बेगुनाह होगी तो बरी हो जाएगी
कानूनी प्रक्रिया का हवाला देते हुए मंत्री ने कहा कि ओवैसी को अदालत पर भरोसा रखना चाहिए। संजय शिरसाट ने कहा, अगर उसने कुछ नहीं किया है, तो वह अदालत से बरी हो जाएगी। लेकिन जांच से पहले ही उसे बेगुनाह बताना और लोगों को उकसाना गलत है।
