मुसलमानों के खिलाफ…नासिक TCS केस और बंगाल हिंसा पर वारिस पठान का बड़ा हमला, केंद्र सरकार से की ये अपील
Nida Khan Controversy: AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान TVK प्रमुख विजय को सीएम पद की शपथ लेने पर बधाई दी। उन्होंने देश में मुसलमानों की स्थिति और नासिक टीसीएस केस पर भी अपनी बात रखी।
- Written By: अमन मौर्या
वारिस पठान (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Waris Pathan on Nasik TCS Case: नासिक TCS मामले और तमिलनाडु में टीवीके प्रमुख एक्टर विजय के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि देश में मुसलमानों पर अत्याचार हो रहे हैं। नासिक टीसीएस मामले में कंपनी की एचआर और मुख्य आरोपी निदा खान की गिरफ्तारी पर वारिस पठान ने कहा, हमारी पार्टी का उद्देश्य हमेशा निर्दोष और पीड़ितों के साथ खड़ा रहना रहा है। अगर निदा खान की जगह कोई हिंदू बहन भी होती, तो हम उसे निर्दोष मानते। मैं हमेशा निर्दोषों और कानून के साथ खड़ा रहा हूं।
मुसलमानों के खिलाफ हुआ अत्याचार
देश में मुसलमानों की स्थिति पर बात करते हुए वारिस पठान ने कहा, हम लंबे समय से मुसलमानों के खिलाफ इस तरह के अत्याचार देखते आ रहे हैं। मुसलमानों के खिलाफ सिर्फ नफरत फैलाई जा रही है। हम इसे हर दिन देखते हैं। आगे उन्होंने कहा कि अभी भी पश्चिम बंगाल में मुसलमानों के खिलाफ अत्याचार देख रहे हैं।
भाजपा, टीएमसी या कोई अन्य पार्टी जो इस तरह की हिंसा में शामिल है। उसे रोकना केंद्र सरकार के प्रशासन की जिम्मेदारी है। इससे पहले वारिस पठान ने कहा था, हर कोई जानता है कि बंगाल में क्या हो रहा था, वहां कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई थी। मैं बंगाल में मौजूद था, क्योंकि हमारी पार्टी वहां 11 सीटों पर चुनाव लड़ रही थी।
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लड़की को घोषित किया आतंकवादी
निदा खान की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने आगे कहा, मेरा मानना है कि सभी को कानून के नियमों का पालन करना चाहिए। अब निदा खान को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामला विचाराधीन है। क्या आप जानते हैं कि कानून क्या कहता है? किसी भी व्यक्ति को तब तक निर्दोष माना जाता है जब तक कि अदालत द्वारा उसे दोषी साबित नहीं कर दिया जाए। अदालत द्वारा फैसला सुनाए जाने तक कोई भी व्यक्ति निर्दोष होता है। एक मुकदमे के जरिए एक लड़की को आतंकवादी घोषित कर दिया गया है।
AIMIM की भूमिका पर हो जांच
टीसीएस मामले में एआईएमआईएम की भूमिका पर मंत्री संजय शिरसाट द्वारा जांच की मांग किए जाने पर वारिस पठान ने कहा, मामला विचाराधीन है और अदालत में लंबित है। पूरा मीडिया एक तरह से मुकदमा चला रहा है और उन्हें आतंकवादी करार दे रहा है। यह सरासर गलत है। कानून के अनुसार, किसी व्यक्ति को तब तक निर्दोष माना जाता है जब तक कि अदालत में उसे दोषी साबित न कर दिया जाए।
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AIMIM नेता के घर छिपी निदा खान
नासिक में देश की प्रमुख आईटी कंपनी टीसीएस में मार्च-अप्रैल में एक गंभीर मामला सामने आया था। कंपनी के एचआर, कर्मचारियों पर जबरन धर्म परिवर्तन, यौन शोषण, कार्यस्थल पर दुर्व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया गया। मामले में 9 एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस द्वारा 7-8 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि मुख्य आरोपी निदा खान फरार चल रही थी। बीते 7 मई को छत्रपति संभाजी नगर से उसे गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के वक्त वो थी। इस पर राजनीतिक आरोप-प्रत्योरोप तेज हो गए थे।
