राज और उद्धव आएंगे एकसाथ, संजय राउत ने कर दिया ऐलान, बदलेगी सियासत की तस्वीर
महाराष्ट्र की राजनीति में कई सालों बाद बड़ा सियासी बदलाव देखने को मिलेगा। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक मंच पर नजर आएंगे। इसकी घोषणा संजय राउत ने कर दी है।
- Written By: आकाश मसने
उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे व संजय राउत (सोर्स: सोशल मीडिया)
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में कई सालों बाद ऐसा होने जा रहा है कि दोनों ठाकरे भाई एक साथ एक मंच पर नजर आएंगे। खास बात यह है कि यह कोई पारिवारिक समारोह नहीं बल्कि एक बड़ा राजनीतिक कदम है। राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के स्कूलों में हिंदी पढ़ाए जाने के खिलाफ मिलकर विरोध प्रदर्शन करने जा रहे हैं। इसकी जानकारी शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने दी है।
अब राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार को अल्टीमेटम दे दिया है। दोनों ही पार्टियां पहले अलग-अलग विरोध प्रदर्शन करने वाली थीं, लेकिन अब एकसाथ करेंगी।
संजय राउत का पोस्ट
संजय राउत ने सोशल मीडिया मंच पर एक्स पर एक पोस्ट करते हुए लिखा कि राज-उद्धव साथ मिलकर हिंदी भाषा के विरोध में रैली निकालेंगे। दो अलग-अलग विरोध प्रदर्शन नहीं होंगे।” संजय राउत ने पुष्टि की है कि पहले राज ठाकरे 5 जुलाई को और फिर उद्धव ठाकरे 6 जुलाई को रैली निकालने वाले थे, लेकिन अब यह विरोध एक ही दिन होगा।
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महाराष्ट्रतील शाळांत हिंदी सक्ती विरोधात एकच आणि एकत्र मोर्चा निघेल!
जय महाराष्ट्र! pic.twitter.com/A8ATq2ra0k — Sanjay Raut (@rautsanjay61) June 27, 2025
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने किया सरकार का विरोध
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने हिंदी के मुद्दे पर राज्य की फडणवीस सरकार की आलोचना की है। उन्होंने सवाल किया कि हिंदी कोई राष्ट्रभाषा नहीं है। यह भी भारत की अन्य भाषाओं में से एक ही है, तो फिर इसे पहली कक्षा से अनिवार्य क्यों किया जा रहा है? बच्चों को एक साथ तीन भाषाएं क्यों पढ़ाई जा रही हैं? सरकार किस दबाव में ये निर्णय ले रही है?
क्या बोले उद्धव ठाकरे?
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार पर प्रदेश में जबरन हिंदी भाषा थोपने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य पर ‘हिंदी थोपने’ की कोशिश कर रही है। उद्धव का कहना है कि उनका किसी भाषा से कोई विरोध नहीं है। वह सिर्फ किसी भी भाषा को जबरन थोपने के खिलाफ हैं।
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मराठी के मुद्दे पर एकजुट होने की बात
राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के साथ आने का उद्देश्य मराठी मानुष का उद्धार है। राज ठाकरे ने घोषणा की थी कि वह मराठी लोगों और मराठी समुदाय की भलाई के लिए काम करने वाली पार्टी के साथ हाथ मिलाने के लिए तैयार हैं। इसके लिए उन्होंने उद्धव ठाकरे की पार्टी की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया था। साथ ही उद्धव ठाकरे ने यह भी घोषणा की थी कि वह मराठी समुदाय के लिए पुराने गिले-शिकवे भुलाकर साथ आने के लिए तैयार हैं।
