शाह ने तोड़ी शिवसेना और रांका! राज ठाकरे और नारायण राणे ने नहीं चुराई किसी की पार्टी… अमित शाह पर फिर भड़के संजय राऊत
संजय राऊत ने अमित शाह पर शिवसेना और राकां को तोड़ने का आरोप लगाते हुए जोरदार हमला बोला। लेकिन उन्होंने राज ठाकरे के साथ बीजेपी के सांसद नारायण राणे को लेकर सॉफ्ट कार्नर दिखाया।
- Written By: सोनाली चावरे
अमित शाह पर फिर भड़के संजय राऊत
नासिक: भारत पाकिस्तान के बीच सीजफायर होने के बाद से सांसद संजय राऊत बीजेपी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की लगातार आलोचना कर रहे हैं। संजय राऊत ने अमित शाह पर शिवसेना और राकां को तोड़ने का आरोप लगाते हुए जोरदार हमला बोला। लेकिन इस दौरान राऊत ने राज ठाकरे के साथ-साथ बीजेपी के सांसद नारायण राणे को लेकर सॉफ्ट कार्नर दिखाया।
महानगर पालिका व अन्य निकायों के चुनाव की तैयारियों के संदर्भ में शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) पार्टी की बैठक बुधवार को नासिक में आयोजित की गई थी। इसी सिलसिले नासिक पहुंचे संजय राऊत ने यूबीट के पदाधिकारियों के साथ उत्तर महाराष्ट्र में धुले, नंदुरबार और जलगांव नगर निगमों के चुनावों पर चर्चा की। इससे पहले राऊत ने राज की पार्टी मनसे के साथ शिवसेना और दोनों राकां के गठबंधन, मनपा चुनाव सहित विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार खुलकर व्यक्त किए।
राज ठाकरे और नारायण राणे के लिए सॉफ्ट कॉर्नर
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राऊत ने कहा कि अमित शाह की शह पर एकनाथ शिंदे ने शिवसेना तो वहीं अजीत पवार ने राकां छीन ली। लेकिन इस मामले में राज ठाकरे और नारायण राणे की हमेशा तारीफ करता हूं। उन्होंने किसी की पार्टी नहीं चुराई। राणे ने अपनी पार्टी बनाई। भले ही वह पार्टी चला नहीं पाए और बाद में दूसरी पार्टी में शामिल हो गए। लेकिन उन्होंने कभी भी शिवसेना पर अपना दावा नहीं ठोका था। इसी तरह से राज ने भी अपनी पार्टी बनाई। अजीत, एकनाथ शिंदे तथा नारायण राणे और राज ठाकरे के बीच यही अंतर है।
अनैतिक संबंध खत्म करने होंगे
अजीत पवार और शरद पवार के एक साथ आने का विरोध करने, जबकि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के एक साथ आने का स्वागत करने की दोहरी नीति पर सवाल उठाए जाने पर राऊत ने कहा कि राज ठाकरे एक ओपन यूनिवर्सिटी है। जहां कोई भी वहां जाकर डिग्री प्राप्त कर सकता है। लेकिन उनके मामले में भी हम यही अपेक्षा रखते हैं कि हमारे साथ आने के बाद उन्हें अनैतिक संबंध अर्थात बीजेपी शिवसेना (शिंदे गुट) के नेताओं से संबंध खत्म करने चाहिए। ऐसे शब्दों में राऊत ने राज और उदय सामंत की मंगलवार को हुई मुलाकात पर ऐतराज जताया। राकां के मामले में उन्होंने कहा कि सुप्रिया सुले दिल्ली में रहेंगी और अजीत महाराष्ट्र में। यह फार्मूला पहले से ही तय था। लेकिन अजीत ने शाह की मदद से राकां तोड़ दी। हालांकि उन्होंने दावा किया कि मूल राकां शरद वार की है और मूल शिवसेना भी उद्धव ठाकरे की ही है।
बीजेपी चुनाव आयोग पर निशाना
चार महीने में निकाय चुनावों कराने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के संदर्भ में पूछे जाने पर राऊत ने कहा कि महाविकास आघाड़ी एक बार फिर से गठबंधन में चुनाव लड़ेगी। हम चुनाव के लिए तैयार हैं लेकिन निकाय चुनाव की बीजेपी की तैयार अभी पूरी नहीं हुई है। चुनाव आयोग की ईवीएम भी तैयारी भी अभी पूरी नहीं हुई है। जब बीजेपी और चुनाव आयोग की तैयारी पूरी हो जाएगी तो चुनावी कार्यक्रम घोषित कर दिए जाएंगे।
