युति पर भ्रम न फैलाएं, बालासाहेब स्टाइल में राज ने मीडिया पर फोड़ा ठीकरा
Raj Uddhav Thackeray alliance: राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे और MNS की युति को लेकर भ्रम फैलाने का ठीकरा मीडिया पर फोड़ दिया है। उनका कहना है कि मीडिया में उनके बयानों को तोड़ मरोड़कर छापा है।
- Written By: सोनाली चावरे
मनसे प्रमुख राज ठाकरे (pic credit; social media)
Raj Thackeray News: महेश मांजरेकर के यू ट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में महाराष्ट्र और मराठी के लिए उद्धव के साथ अपने निजी विवादों और मतभेदों को भुलाने की तैयारी दर्शाने वाले मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने अब शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) की युति को लेकर भ्रम फैलाने का ठीकरा मीडिया पर फोड़ दिया है।
सोशल नेटवर्किंग साइट ‘एक्स’ पर साझा पोस्ट में राज ने नाराजगी भरे लहजे में मीडिया पर अनकहे शब्द मुंह में घुसाने के आरोप लगाए हैं। उनकी एक्स पोस्ट के बाद दोनों भाइयों के साथ आने की अटकलों पर सस्पेंस बढ़ गया है। मराठी अस्मिता के मुद्दे पर राज और उद्धव लगभग 19 वर्षों के बाद एक साथ एक सियासी मंच पर नजर आए थे।
मुंबई मनपा चुनाव में सियासत
इस मंच पर उद्धव ने तो कह दिया था कि हम साथ रहने के लिए साथ आए हैं। लेकिन राज ने कहा था कि वर्ली की सभा सिर्फ मराठी के मुद्दे तक के लिए ही सीमित थी। उसका मुंबई मनपा चुनाव और सियासत से कोई संबंध नहीं था। इसके बाद इगतपुरी में मनसे पदाधिकारियों के शिविर में राज ठाकरे ने मंगलवार को यूबीटी-मनसे गठबंधन को लेकर एक बार फिर असमंजस बढ़ाने वाला बान दिया था।
सम्बंधित ख़बरें
पहली बारिश में ही डगमगाई मुंबई लोकल, 39 फेरे रद्द होने से लाखों यात्री परेशान, पटरियों के नीचे बन रहा गड्ढा
‘बागी सांसदों को अलग गुट के रूप में मान्यता न दें…’, ठाकरे गुट की ओम बिरला के साथ मीटिंग में क्या-क्या हुआ?
औद्योगिक विकास की नई रूपरेखा तैयार करेगा CMIA, ‘नीति से निर्मिति’ के मंत्र के साथ नई टीम का ऐलान
महाराष्ट्र की जेलों में बदलाव की बयार! CM फडणवीस और TISS की पहल से मुख्यधारा में लौट रहे कैदी
इसे भी पढ़ें – रैली तो केवल फोटो सेशन, गठबंधन अभी दूर की बात! उद्धव को राज ठाकरे ने दिया धोखा?
राज ठाकरे ने कहा कि 5 जुलाई की विजयी सभा राजनीतिक नहीं थी, बल्कि मराठी लोगों की विजय सभा थी। इसी के साथ अपने कार्यकर्ताओं को आदेश देते हुए कहा था कि कार्रवाइयों में जुट जाओ, युति का निर्णय समय आने पर लेंगे।
राज ने उठाए सवाल
बुधवार की ‘एक्स’ पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि मंगलवार को दिए गए मेरे बयान को मीडिया ने तोड़ मरोड कर प्रकाशित किया है। उन्होंने लिखा है कि कुछ अंग्रेजी व मराठी अखबारों के साथ-साथ कुछ मीडिया संस्थानों ने वो बातें मेरे मुंह में ठूंस दी, जो मैंने कही ही नहीं हैं। उन्होंने प्रकाशित किया है कि गठबंधन पर फैसला मैं मनपा चुनाव से पहले स्थिति देखकर लूंगा। ये कौन सी नई पत्रकारिता पैदा हो गई है?
अनौपचारिक बातचीत अनौपचारिक ही रहती है, और अगर कुछ छापी भी जाती है तो जो नहीं कहा गया वो सामने वाले के मुंह में नहीं डालना चाहिए। क्या पत्रकारों में यह समझ भी खत्म हो गई है? ऐसा सवाल करते हुए राज ने चेतावनी भरे लहजे में लिखा है कि आप यह मत सोचिए कि हम ये नहीं जानते हैं कि कुछ पत्रकार किसी के कहने पर या प्रायोजित होकर एक नई परंपरा चला रहे हैं।
मनपा चुनावों के बाद क्या होगा?
शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि राज ठाकरे-उद्धव ठाकरे के बारे में लगातार सवाल पूछने के बजाय, आप देखेंगे कि मनपा चुनावों के बाद क्या होता है? मैंने राज ठाकरे की एक पोस्ट पढ़ी। इसे पढ़ने के बाद, आपको इसका अर्थ और संदर्भ समझना चाहिए।
