Rahul Narwekar Alibag Land Controversy (फोटो क्रेडिट-X)
Narwekar Family Property Deal: महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर और उनके परिवार द्वारा रायगड जिले के अलिबाग में की गई बड़े पैमाने पर जमीन खरीदी को लेकर राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। हाल ही में जमीन की पैमाइश (मोजणी) के दौरान हुए एक विवाद का वीडियो वायरल होने के बाद, नार्वेकर परिवार के इस ‘जमीन प्रेम’ पर विपक्ष और आम जनता की नजरें टिक गई हैं। चुनावी हलफनामों और उपलब्ध आधिकारिक दस्तावेजों के विश्लेषण से पता चलता है कि साल 2022 के बाद से नार्वेकर परिवार ने अलिबाग तालुका में जमीन खरीदने की रफ्तार को अप्रत्याशित रूप से बढ़ा दिया है।
दस्तावेजों के अनुसार, राहुल नार्वेकर की पत्नी सरोजिनी नार्वेकर और उनके भाई मकरंद नार्वेकर ने पिछले तीन वर्षों के भीतर अलिबाग में लगभग 60 एकड़ से अधिक जमीन खरीदी है। इन जमीनों की बाजार कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है। दिलचस्प बात यह है कि इनमें से अधिकांश सौदे उस समय हुए जब राहुल नार्वेकर विधानसभा अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर आसीन थे।
राहुल नार्वेकर द्वारा चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामों और पंजीकरण विभाग के दस्तावेजों से यह स्पष्ट होता है कि अलिबाग तालुका के विभिन्न गांवों में नार्वेकर परिवार की संपत्ति का विस्तार हुआ है। साल 2022 से शुरू हुआ जमीन खरीदने का यह सिलसिला 2024 तक निरंतर जारी रहा। सूत्रों के मुताबिक, ये जमीनें पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण इलाकों में स्थित हैं, जिससे इनके भविष्य में होने वाले कमर्शियल उपयोग की संभावनाओं को बल मिल रहा है। अलिबाग जैसे प्रीमियम लोकेशन पर इतनी कम अवधि में 60 एकड़ जमीन का संचय करना अब जांच का विषय बनता जा रहा है।
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लोकसत्ता वेब साइट ने अपनी खबर में दावा किया है कि जमीन खरीदी के विवरण से पता चलता है कि निवेश का बड़ा हिस्सा राहुल नार्वेकर की पत्नी सरोजिनी और भाई मकरंद के नाम पर है। वेब साइट की खबर के मुताबिक मुंबई के पूर्व पार्षद मकरंद नार्वेकर ने अलिबाग के कई महत्वपूर्ण गांवों में कृषि और गैर-कृषि भूमि खरीदी है। विधानसभा अध्यक्ष की पत्नी सरोजिनी नार्वेकर के नाम पर भी अलिबाग के तटीय क्षेत्रों के पास की कीमती जमीनों का पंजीकरण पाया गया है। स्थानीय रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि 2022 के बाद नार्वेकर परिवार ने जिस गति से संपत्तियां खरीदीं, उसने अलिबाग के जमीन बाजार में भी हलचल मचा दी थी।
अलिबाग विवाद के इस ‘लैंड इन्वेस्टमेंट’ की चर्चा तब शुरू हुई जब जमीन की पैमाइश के दौरान स्थानीय लोगों के साथ विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। महा विकास आघाडी के नेताओं ने सवाल उठाया है कि इतने कम समय में इतनी संपत्ति के लिए धन का स्रोत क्या है।
नार्वेकर का पक्ष: हालांकि राहुल नार्वेकर की ओर से अब तक इन आरोपों पर कोई विस्तृत स्पष्टीकरण नहीं आया है, लेकिन उनके समर्थकों का दावा है कि ये सभी सौदे कानूनी रूप से वैध हैं और हलफनामे में इनकी जानकारी दी गई है।
अलिबाग का आकर्षण: मुंबई से समुद्री मार्ग और निर्माणाधीन ट्रांस हार्बर लिंक के कारण अलिबाग राजनेताओं के लिए निवेश का सबसे पसंदीदा स्थान बन गया है, लेकिन नार्वेकर परिवार की 60 एकड़ की यह ‘माया’ अब एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनती दिख रही है।