पनवेल भाजपा नेता जे.एम. म्हात्रे पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, 70 करोड़ की संपत्ति जब्त
Panvel के भाजपा नेता जे.एम. म्हात्रे पर ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 70 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली। उन पर वन विभाग की जमीन के रिकॉर्ड में हेरफेर कर अवैध लाभ लेने का आरोप है।
- Written By: अपूर्वा नायक
जे एम म्हात्रे (सौ. सोशल मीडिया )
ED Action On J M Mhatre: नवी मुंबई के पनवेल क्षेत्र में भाजपा नेता जे.एम. म्हात्रे के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 70 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त कर ली है।
यह कार्रवाई वन विभाग की जमीन से जुड़े कथित घोटाले और अवैध ट्रांजैक्शन के आरोपों के आधार पर की गई है। जब्त संपत्तियों में उरण और उल्वे इलाके के तीन प्रमुख प्लॉट शामिल हैं।
वन विभाग की जमीन के दस्तावेजों में हेरफेर का आरोप
जानकारी के अनुसार सितंबर 2024 में वन विभाग ने पनवेल सिटी पुलिस स्टेशन में म्हात्रे के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। आरोप है कि उन्होंने सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में बदलाव कर अपने नाम से जमीन दिखाते हुए उसे बेचा और करोड़ों रुपये का आर्थिक लाभ प्राप्त किया। जांच में सामने आया कि सातबारा और आधिकारिक दस्तावेजों में मूल रूप से वन विभाग का नाम दर्ज था।
सम्बंधित ख़बरें
Fragrance: इत्र, परफ्यूम या डियो में क्या अंतर है, आप भी जाने लें, ताकि सही तरीके से कर सकें इस्तेमाल
Styling Tips: कम बजट में स्टाइलिश दिखने के 5 क्लासी स्टाइलिंग टिप्स, आपके लुक में लगाएंगे चार चांद
Makhana Kheer: ऐसे बनाएं मखाने की टेस्टी खीर, मुंह में घुल जाएगा स्वाद और मिठास, नोट करें रेसिपी
Multani Mitti: मुल्तानी मिट्टी से बनें ये 5 फेस पैक देंगे चेहरे पर कमाल का निखार, जानें लगाने की सही तरीका
नेशनल हाईवे अथॉरिटी को जमीन ट्रांसफर का मामला
ईडी के अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने कथित रूप से जंगल की जमीन पर अवैध कब्जा कर उसे नेशनल हाईवे अथॉरिटी को ट्रांसफर किया और इस प्रक्रिया में करीब 42 करोड़ 40 लाख रुपये का मुआवजा प्राप्त किया। इस पूरे ट्रांजैक्शन की वित्तीय जांच के बाद संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया गया है।
ये भी पढ़ें :- इंजीनियरिंग परीक्षा के बाद बदले नियम, कल्याण के 3 हजार छात्रों का सेकेंड ईयर एडमिशन अटका
राजनीतिक पृष्ठभूमि भी चर्चा में
जे.एम. म्हात्रे पनवेल के भाजपा नेता हैं। उनके परिवार के सदस्य भी स्थानीय राजनीति से जुड़े रहे हैं। हालांकि एजेंसियों का कहना है कि जांच पूरी तरह वित्तीय और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है और अधिकारियों ने संकेत दिया है कि भविष्य में और भी कार्रवाई संभव है।
