Yavatmal News: पुसद नगर परिषद में पगडंडी सड़क पर कब्जे का आरोप, आनंदाशिष नगर लेआउट की मंजूरी रद्द करने की मांग
Layout Approval Controversy: पुसद में पगडंडी सड़क पर कब्जे के आरोप के बाद आनंदाशिष नगर लेआउट की मंजूरी रद्द करने की मांग उठी है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।
- Written By: अनन्या तिवारी
पुसद की पगडंडी (फाइल फोटो, सोर्स-नवभारत)
Municipal Layout Approval Controversy in Yavatmal District: यवतमाल के पुसद नगर परिषद क्षेत्र में विकसित की जा रही एक आवासीय परियोजना को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि सार्वजनिक उपयोग की पगडंडी सड़क पर कब्जा कर प्लॉटिंग की गई है। उन्होंने आनंदाशिष नगर लेआउट की अंतिम मंजूरी रद्द कर पगडंडी सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा प्लॉट खरीदारों के साथ कथित धोखाधड़ी को रोकने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुसद खंड-2 अंतर्गत सर्वे नंबर 10/4, क्षेत्रफल 0.40 हेक्टेयर भूमि के अकृषक (एनए) विकास एवं अंतिम अभिन्यास (लेआउट) मंजूरी के लिए लेआउट धारक आनंद अशोकराव शिरमवार और आशिष अशोकराव शिरमवार ने 12 अगस्त 2024 को नगर परिषद के मुख्याधिकारी के समक्ष आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन प्रस्तुत किया था। इसके बाद 13 नवंबर 2024 को लेआउट को अंतिम मंजूरी प्रदान कर दी गई।
पगडंडी सड़क पर प्लॉटिंग कर बिक्री का आरोप
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मंजूरी मिलने के बाद लेआउट धारकों ने सार्वजनिक पगडंडी सड़क पर कब्जा कर वहां प्लॉटिंग की और प्लॉटों की बिक्री शुरू कर दी। उनका कहना है कि इससे प्लॉट खरीदने वाले लोगों के साथ धोखाधड़ी हो रही है तथा भविष्य में कानूनी विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
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निवेदन में कहा गया है कि उप अधीक्षक भूमि अभिलेख, पुसद द्वारा 1 दिसंबर 2023 को पत्र क्रमांक 1587 के माध्यम से आशिष शिरमवार को सूचित किया गया था कि सर्वे नंबर 15, 46, 10, 47, 4 और 3 से सटी हुई एक पगडंडी सड़क मौजूद है। यह सड़क अंग्रेजकालीन पुसद-मोहा मार्ग का हिस्सा बताई गई है, जिसकी चौड़ाई 33 मीटर है और इसका उल्लेख भूमि अभिलेख विभाग के रिकॉर्ड में भी दर्ज है।
नक्शे में सड़क नहीं दिखाने का आरोप
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उक्त पगडंडी सड़क को लेआउट की नापजोख शीट और नक्शे में दर्शाया ही नहीं गया। उनका कहना है कि सड़क पर कब्जा कर प्लॉटिंग की गई तथा वहां सीमेंट और ईंटों की पक्की दीवार भी खड़ी कर दी गई है। इस मामले में भूमि अभिलेख विभाग के कुछ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।
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मंजूरी की शर्तों के उल्लंघन का दावा
नगर परिषद मुख्याधिकारी, पुसद द्वारा 13 नवंबर 2024 को जारी अंतिम मंजूरी आदेश की शर्त क्रमांक 4 में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि लेआउट की सीमा और क्षेत्रफल भूमि अभिलेख विभाग द्वारा प्रमाणित सीमांकन नक्शे (नापजोख क्रमांक 113880/2024, दिनांक 18 अक्टूबर 2024) के अनुसार ही मान्य होंगे। आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि सीमा या क्षेत्रफल को लेकर कोई विवाद अथवा भिन्नता पाई जाती है, तो मंजूरी स्वतः निरस्त मानी जाएगी। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इन शर्तों का उल्लंघन किया गया है।
कार्रवाई नहीं होने पर जिलाधिकारी के पास जाने की चेतावनी
सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मण कांबले ने 29 जनवरी 2026 को इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद 4 मई 2026 को स्मरण पत्र भी सौंपा गया। आरोप है कि शिकायत के पांच माह बाद भी नगर परिषद, उपविभागीय अधिकारी और तहसीलदार स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण शिकायतकर्ता ने अब मामले को लेकर जिलाधिकारी, यवतमाल के समक्ष जाने की चेतावनी दी है।
उप अधीक्षक, भूमि अभिलेख कार्यालय, पुसद अशोक राठोड़ ने कहा कि यदि पगडंडी सड़क से संबंधित मामला है तो उसकी जांच की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि नगर परिषद ने इस लेआउट को एनए अनुमति प्रदान की है, इसलिए यह उनकी जिम्मेदारी थी। उनका यह भी कहना है कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो जांच कर आगे आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
