पुणे में गैस सिलेंडर लीक होने से फ्लैट में भीषण ब्लास्ट, एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत; मां-बेटी सुरक्षित
Pune Fire Brigade: पुणे के खांदवेनगर में फॉर्च्यून सिटी सोसायटी के एक फ्लैट में गैस सिलेंडर बदलते समय हुए जोरदार धमाके में एक ही परिवार के तीन लोगों की झुलसने से दर्दनाक मौत हो गई।
- Written By: रूपम सिंह
भीषण ब्लास्ट (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pune Vimannagar Cylinder Blast: विमाननगर के पास खांदवेनगर इलाके में शुक्रवार, 5 जून की सुबह एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां फॉर्च्यून सिटी सोसायटी की एक इमारत की पहली मंजिल पर स्थित फ्लैट में घरेलू गैस सिलेंडर जोड़ते समय अचानक जोरदार ब्लास्ट हो गया। इस भीषण दुर्घटना में गंभीर रूप से झुलस जाने के कारण एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई।
मृतकों की पहचान पांडुरंग विष्णु गित्ते (35), उनके पिता विष्णु मुंजाजी गित्ते (82) और मां वृंदाविनी विष्णु गित्ते (60) के रूप में हुई है। यह परिवार मूल रूप से बीड जिले के परली वैजनाथ तालुका के नंदागवल गांव का रहने वाला था। इस भयावह हादसे में पांडुरंग की पत्नी और उनकी पांच वर्षीय बेटी चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बच गए हैं।
नोजल से होने लगा रिसाव
पुणे पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह भीषण हादसा सुबह करीब सवा नौ बजे फ्लैट के किचन में हुआ। घर में नया गैस सिलेंडर जोड़ने का काम चल रहा था, तभी अचानक सिलेंडर के नोजल से बड़े पैमाने पर गैस का रिसाव होने लगा। उसी समय घर के पूजाघर में दीया जल रहा था।
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देखते ही देखते लीक हुई गैस पूरे घर में फैल गई और दीये की लौ के संपर्क में आते ही कमरे में भीषण आग लग गई और एक जोरदार धमाका हुआ। धमाका इतना जबरदस्त था कि पांडुरंग और उनके बुजुर्ग माता-पिता इसकी चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए।
बालकनी से कूद बचाई जान
स्थानीय निवासियों ने तुरंत इस घटना की सूचना फायर ब्रिगेड को दी। हादसे की गंभीरता को देखते हुए खराड़ी, धानोरी और येरवडा केंद्रों से दमकल की तीन गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और सभी घायलों को तुरंत ससून अस्पताल पहुंचाया।
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अस्पताल में डॉक्टरों ने पांडुरंग गित्ते को मृत घोषित कर दिया, जबकि इलाज के दौरान उनके माता-पिता ने भी दम तोड़ दिया। इस दिल दहला देने वाले हादसे के बीच पांडुरंग की पत्नी राजश्री और पांच साल की बेटी निहारिका की जान सूझबूझ और अच्छी किस्मत के कारण बच गई, धमाके के वक्त राजश्री बाथरूम में थीं, जबकि निहारिका गैलरी में खड़ी थी, जिससे वे दोनों सुरक्षित रहीं।
