पुणे के दौंड में अवैध भ्रूणहत्या रैकेट का भंडाफोड़: 2 साल में 500 गर्भपात की आशंका; मकोका लगाने की मांग

Pune Crime News: पुणे के दौंड में अवैध गर्भलिंग जांच और भ्रूणहत्या के बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। दो फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार हुए हैं, जिन्होंने दो साल में 500 गर्भपात किए जाने की आशंका है।
An illegal female foeticide and abortion racket has been busted in Daund, Pune। Two fake doctors have been arrested for conducting around 500 illegal abortions।
अवैध भ्रूणहत्या रैकेट का भंडाफोड़ (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Pune Daund Foeticide Illegal Abortion News: पुणे जिले के दौंड तहसील के केडगांव इलाके में अवैध गर्भलिंग जांच और भ्रूणहत्या के एक संगठित रैकेट का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि पिछले दो वर्षों में लगभग 500 अवैध गर्भपात किए जाने की आशंका है। यह रैकेट एक पुराने और साधारण दिखने वाले घर में गुप्त रूप से चलाया जा रहा था, जहां बिना किसी पंजीकरण और मेडिकल अनुमति के गर्भवती महिलाओं की जांच और भ्रूणहत्या की जाती थी। इस घटना ने पूरे महाराष्ट्र में हड़कंप मचा दिया है और स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पांच दिन की पुलिस कस्टडी

पुलिस ने इस मामले में अब तक दो फर्जी डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य आरोपी फरार हैं। गिरफ्तार आरोपियों में अण्णासाहेब गिरी और अतुल जाधव शामिल हैं। अण्णासाहेब को 20 मई को केडगांव से पकड़ा गया था, जबकि अतुल जाधव को 24 मई को वाघोली से हिरासत में लिया गया।

दोनों को दौंड न्यायालय में पेश करने के बाद पांच दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। यवत पुलिस स्टेशन के निरीक्षक नारायण देशमुख के मार्गदर्शन में विशेष टीम जांच कर रही है। पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले का विस्तृत खुलासा किया। जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था।

पुलिस ने अब तक दर्ज किए 15 गवाहों के बयान

गर्भवती महिलाओं को सामाजिक दबाव, परिवार की इच्छा या लड़के की चाहत जैसे कारणों का हवाला देकर इस अवैध प्रक्रिया के लिए मजबूर किया जाता था।

पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन के माध्यम से जांच की जाती थी ताकि किसी को शक न हो। प्रत्येक महिला से 35 हजार से 50 हजार रुपये तक वसूले जाते थे। कमरे के भीतर इंजेक्शन, दवाइयां और मेडिकल उपकरण बिखरे पाए गए, जिससे अवैध गतिविधियों की पुष्टि हुई है।

पुणे पुलिस को एक वीडियो मिलने के बाद इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश हुआ। इसके बाद बैंक खातों, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू की गई है। अब तक 15 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें से एक का बयान अदालत में भी दर्ज हुआ है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

डॉ. नीलम गोर्हे ने की मकोका लगाने की मांग

11 नीलम गोहें ने इस मामले पर विधान परिषद की उपसभापति गंभीर चिंता जताते हुए आरोपियों पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि घटते लिंगानुपात के कारण यह एक संगठित अपराध का रूप ले चुका है, जिस पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। जिला स्तर पर भी प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिला शल्य चिकित्सक डॉ. नागनाथ यमपल्ले ने कहा है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

अवैध गर्भ लिंग जांच मामले की प्रारंभिक जांच जारी है। दोषी डॉक्टरों और संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, लाइसेंस रद्द होंगे और पूरी रिपोर्ट भी पुलिस से मांगी गई है।

- डॉ. नागनाथ यमपल्ले, जिला शल्य चिकित्सक, पुणे

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