Pune: परिवारिक जमीन विवाद में नया मोड़, FIR रद्द होने पर हाईकोर्ट में याचिका
Pune News: वडगांव शेरी में जमीन हड़पने के मामले में FIR रद्द होने के खिलाफ सीनियर सिटीजन सुमनदेवी तालेरा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें सत्र न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई है।
- Written By: अपूर्वा नायक
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Pune News In Hindi: वड़गांव शेरी में जमीन हड़पने के मामले में चंदननगर पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर को रद्द करने के सत्र न्यायालय के आदेश के खिलाफ एक सीनियर सिटीजन महिला ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
याचिका में दावा किया गया है कि एक बार FIR दर्ज होने के बाद सत्र न्यायालय द्वारा मामले को रद्द करने का आदेश अधिकार क्षेत्र से बाहर था। मामले में सुमनदेवी चंदूलाल तालेरा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
वड़गांव शेरी में अपनी जमीन हड़पने का आरोप लगाते हुए उन्होंने अपनी देवरानी सुशीलादेवी सुरेश तालेरा, बहू सोना तालेरा और पोते ऋषभ तालेरा के खिलाफ प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय का रुख किया था।
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कोर्ट ने इस शिकायत के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ विश्वासघात, धोखाधड़ी, साजिश रचने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज करने का आदेश चंदननगर पुलिस को दिया था। प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की थी कि प्रथम दृष्टया अपराध की जांच के लिए पर्याप्त सबूत उपलब्ध हैं, लेकिन पुलिस ने 27 दिनों की देरी के बाद 7 अक्टूबर को एफआईआर दर्ज की।
इसके खिलाफ आरोपियों ने सत्र न्यायालय में एक आपराधिक पुनरीक्षण याचिका दायर की। सेसन कोर्ट ने इस याचिका को स्वीकार करते हुए प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय के आदेश को रद्द कर दिया और निर्देश दिया कि इस शिकायत पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 223 के तहत एक निजी शिकायत के रूप में कार्यवाही की जाए।
क्या है मामला ?
याचिका के अनुसार वड़गांव शेरी के सर्वे नंबर 51 में प्लॉट नंबर 55, 56 और 69, 1992 में तालेरा परिवार के बीच हुए समझौते के तहत सुमनदेवी तालेरा को दिए गए थे। 1996 में प्लॉट नंबर 69 को बिक्री के लिए रखा गया था और उस बिक्री से प्राप्त राशि सोना तालेरा के खाते में जमा हुई थी।
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इसके बाद, 2003 में अरोरा नाम के एक व्यक्ति के साथ एक समझौता करके प्लॉट नंबर 69 को पल्लवी रियल एस्टेट कंपनी के नाम पर हस्तांतरित कर दिया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार लेनदेन के बाद आरोपियों ने जाली दस्तावेज तैयार किए और पुलिस मशीनरी का उपयोग करके 5 और 8 जनवरी 2024 को तीनों प्लॉटों पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया। शिकायतकर्ता सुमन देवी तालेरा ने याचिका में आरोप लगाया है कि आरोपियों ने सुरक्षा गार्ड को हटाकर जबरन जमीन पर कब्जा किया।
