उजनी बांध का जलस्तर 50% के पार, सिर्फ 4 दिन में 32% पानी बढ़ा; पुणे-सोलापुर समेत 3 जिलों के किसानों में खुशी
Pune Solapur News: मूसलाधार बारिश से उजनी बांध का उपयोगी जल भंडार 50.08% पहुंचा। पुणे, सोलापुर और अहिल्यानगर में पानी का संकट टला; किसानों और प्रशासन ने ली राहत की सांस।
- Written By: रूपम सिंह
उजनी बांध का जलस्तर प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ujani Dam Water Level: भीमा नदी घाटी के सबसे बड़े और सोलापुर, पुणे तथा अहिल्यानगर जिले की जीवनरेखा माने जाने वाले उजनी बांध का जलस्तर रविवार को 50 प्रतिशत के पार पहुंच गया है। पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण बांध में पानी की आवक लगातार बढ़ रही है। रविवार दोपहर 4 बजे तक बांध में उपयोगी जल भंडार 50.08 फीसदी दर्ज किया गया। बांध में उपयोगी स्टॉक 759.81 मिलियन क्यूबिक मीटर यानी 26.83 टीएमसी तक पहुंच चुका है।
बांध की कुल जल भंडारण क्षमता वर्तमान में 2562.62 मिलियन क्यूबिक मीटर अर्थात 90.49 टीएमसी है। इस जलस्तर में सुधार से क्षेत्र के किसानों में खुशी की लहर है। है कि शनिवार रात 9 बजे तक जो जल भंडारण 49.02 प्रतिशत था, वह अगले ही दिन 50 के पार हो गया।
महज 24 घंटे में बांध के जलस्तर में हुई बढ़ोतरी
महज 24 घंटे के भीतर बांध के जलस्तर में 1.06 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई, वर्तमान में दौंड के पास भीमा नदी से 6 हजार 780 क्यूसेक की रफ्तार से पानी की आवक हो रही है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि अगर ऊपरी इलाकों में जुलाई महीने में बारिश का यही दौर जारी रहेगा, तो बांध जल्द ही 75 प्रतिशत और उसके बाद शत-प्रतिशत भर जाएगा।
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पुणे जिले के इंदापुर, बारामती, दौंड, सोलापुर जिले के माढा और अहिल्यानगर जिले के करमाला तहसीलों के लाखों किसानों की सिंचाई संबंधी चिंताएं खत्म हो गई है। इस साल बांध के समय से पहले भरने के कारण गन्ना, ज्वारी, बाजरा और मौसमी सब्जियों की फसलों को पर्याप्त पानी मिलने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। लेकिन किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने मांग की है कि अब सरकार को पानी का बहुत ही सटीक और सुनियोजित नियोजन करना चाहिए, ताकि रबी सीजन में किल्लत न हो।
बांध माइनस से प्लस श्रेणी में
पिछले महीने भीषण गर्मी के कारण उजनी बांध का पानी डेड स्टोरेज तक चला गया था। जलस्तर शून्य से नीचे जाने के कारण पूरे क्षेत्र के किसान और आम नागरिक भारी संकट में थे। इसके बाद मंगलवार रात डेढ़ बजे बांध का उपयोगी जल भंडार शून्य के ऊपर आया और बांध माइनस से प्लस श्रेणी में पहुंचा। बुधवार शाम 7 बजे तक बांध का उपयोगी जल स्टॉक केवल 17.25 प्रतिशत था। इसके बाद सिर्फ 4 दिनों के भीतर उपयोगी भंडार में 32.83 फीसदी की भारी वृद्धि दर्ज की गई है।
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जल संसाधन विभाग की पैनी नजर
बांध में पानी की भारी आवक को देखते हुए जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। भीमा नदी के तटीय इलाकों और दौंड डिस्चार्ज पॉइंट पर तैनात इंजीनियरों की टीम पल-पल के आंकड़ों पर नजर रख रही है।
यदि बारिश का जोर बढ़ता है, तो बांध के निचले इलाकों में अलर्ट जारी करने की तैयारी भी प्रशासन ने कर ली है। वर्तमान में बांध के बढ़ते जलस्तर से अहिल्यानगर और सोलापुर के शहरी और ग्रामीण इलाकों में पेयजल का संकट भी पूरी तरह टल गया है।
