Pimpri Chinchwad Tourists Dubai Experience (फोटो क्रेडिट-X)
Dubai Missile Scare Experience: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के बीच दुबई में फंसे महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ के 40 पर्यटकों के लिए गुरुवार की रात नई जिंदगी लेकर आई। पिछले कई दिनों से अनिश्चितता और डर के साये में जी रहे इन पर्यटकों की सुरक्षित वतन वापसी हो गई है। इस समूह में पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम की पूर्व कॉर्पोरेटर सुमन नेटके भी शामिल थीं। जैसे ही यह समूह पुणे पहुंचा, हवाई अड्डे पर उनके परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े और केंद्र सरकार के प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
जानकारी के अनुसार, मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच अचानक बिगड़े हालातों के कारण हवाई सेवाएं बाधित हो गई थीं, जिससे यह ग्रुप दुबई में ही अटक गया था। भारत सरकार के हस्तक्षेप और उड़ानों की बहाली के बाद इन सभी को सुरक्षित वापस लाया गया। घर लौटने पर सुमन नेटके ने वहां के रोंगटे खड़े कर देने वाले अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे कुछ ही मिनटों में एक सुरक्षित और शांत शहर अचानक युद्ध क्षेत्र जैसा महसूस होने लगा था।
पिंपरी-चिंचवड़ की सुमन नेटके ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि दुबई प्रवास के दौरान अचानक दो मिसाइलें दागे जाने की खबर मिली। हालांकि, उन मिसाइलों को सुरक्षा प्रणालियों द्वारा हवा में ही सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया, लेकिन उस दृश्य ने पर्यटकों के मन में गहरा डर पैदा कर दिया था। उस दौरान इलाके में कुछ समय के लिए ‘भागो-भागो’ की आवाजें सुनाई देने लगीं और चारों तरफ अफरातफरी का माहौल बन गया। पर्यटकों के लिए वह एक घंटा किसी डरावने सपने से कम नहीं था, क्योंकि वे अपने देश से दूर एक अनजाने संकट के बीच थे।
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ईरान-इजरायल युद्ध के तनाव के बावजूद सुमन नेटके ने दुबई के स्थानीय लोगों के व्यवहार की सराहना की। उन्होंने बताया कि जब स्थानीय नागरिक पर्यटकों के चेहरों पर डर देखते थे, तो वे रुककर उन्हें ढांढस बंधाते थे। स्थानीय लोगों ने उनसे कहा कि दुबई सरकार सुरक्षा के प्रति बेहद सजग है, इसलिए उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। नेटके ने साझा किया कि कुछ लोगों ने तो उन्हें होटल में बैठकर आराम से चाय पीने की सलाह दी और कहा कि वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। स्थानीय प्रशासन द्वारा भेजे गए ‘सुरक्षित क्षेत्र’ के संदेशों ने उनके गिरते मनोबल को फिर से ऊंचा किया।
पर्यटकों के परिवारों ने उनकी सुरक्षा को लेकर भारत सरकार से गुहार लगाई थी, जिसके बाद विदेश मंत्रालय ने सक्रियता दिखाते हुए उनकी वापसी का मार्ग प्रशस्त किया। सुमन नेटके ने कहा कि दुबई में रहने के दौरान वहां के लोगों का सकारात्मक रवैया काबिले तारीफ रहा, लेकिन अपने परिवार और देश की मिट्टी पर वापस कदम रखकर जो सुकून मिला है, उसकी तुलना किसी और चीज से नहीं की जा सकती। फिलहाल सभी 40 पर्यटक अपने घरों में सुरक्षित हैं और उनके वापस आने से पिंपरी-चिंचवड़ के संबंधित इलाकों में राहत और खुशी का माहौल है।