Pune में पानी चोरी पकड़ने उतरा ‘रोबो’! मनपा ने 40 अवैध नल कनेक्शन पकड़े

Pune में पानी चोरी को रोकने के लिए Pune Municipal Corporation ने हाईटेक तरीका अपनाने का फैसला लिया है। PMC ने किराए पर रोबो मशीन मंगवायी है, जो पानी की चोरी को आसानी से पकड़ सकता है।
Pune में पानी चोरी को रोकने के लिए Pune Municipal Corporation ने हाईटेक तरीका अपनाने का फैसला लिया है। PMC ने किराए पर रोबो मशीन मंगवायी है, जो पानी की चोरी को आसानी से पकड़ सकता है।
रोबो मशीन (सौ. सोशल मीडिया )
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Pune News In Hindi: शहर में गैरकानूनी नल कनेक्शन की समस्या पर लगाम लगाने के लिए पुणे महानगर पालिका ने अब हाईटेक तकनीक का सहारा लिया है। महापालिका ने किराये पर एक विशेष रोबो मशीन मंगवाई है जो जल पाइप लाइन के अंदर जाकर अवैध नल कनेक्शन और पानी के लीकेज का पता लगाती है।

इस रोबोट की मदद से वडगांवशेरी क्षेत्र के गणेश नगर में 40 अवैध नल कनेक्शन पकड़े गए हैं। वाटर सप्लाई विभाग के अनुसार यह रोबो 500 मिलीमीटर व्यास की मुख्य पानी पाइपलाइन में करीब 300 मीटर अंदर तक गया और कैमरे के जरिए पूरे पाइपलाइन का निरीक्षण किया। इस दौरान उसे दो जगह पर लीकेज और 40 स्थानों पर अवैध नल कनेक्शन मिले। सभी अवैध नल कनेक्शन को तत्काल तोड़ दिया गया।

रोबो का कुल खर्च डेढ़ करोड़

पुणे महानगरपालिका अब इस तकनीक की सफलता को देखते हुए स्वतः एक रोबो खरीदने पर विचार कर रही है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 90 लाख रुपये बताई जा रही है। वहीं तीन साल के रखरखाव, मरम्मत और संचालन कर्मियों के वेतन समेत कुल खर्च लगभग डेढ़ करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

महापालिका अधिकारियों के अनुसार, शहर के पुराने इलाकों के साथ-साथ हाल में जोड़े गए नए गांवों में भी बड़ी संख्या में अवैध नल कनेक्शन हैं। इन अवैध नल कनेक्शनों के कारण महापालिका का राजस्व घटता है और पानी वितरण का सही हिसाब नहीं लगाया जा सकता है। बार-बार अपील के बावजूद कई नागरिक आधिकारिक कनेक्शन लेने से बचते हैं।

अवैध नल कनेक्शन है या लीकेज का पता चलेगा

इस समस्या का हल ढूंढने के लिए मनपा ने पहले चरण में किराए पर रोबो का इस्तेमाल शुरू किया है। यह रोबो रिमोट कंट्रोल से संचालित होता है और इसमें चार पहिये, कैमरा और लाइट लगी होती है। इसे पानी पाइपलाइन में डालने पर पाइपलाइन का पूरा दूश्य एक बड़े स्क्रीन पर नजर आता है। इससे स्पष्ट रूप से पता चल जाता है कि किस स्थान पर अवैध नल कनेक्शन है या लीकेज है। इस निरीक्षण के समय अधीक्षक अभियंता बीरेंद्र केलकर, कार्यकारी अभियंता एकनाथ गाडेकर, कनिष्ठ अभियंता नितिन जाधव, रवींद्र वानखेडे और रामदास आदारी उपस्थित थे।

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