पुणे में ढडल्ले से बढ़ रही ट्रांसफार्मर चोरी, बिजली गुल होने से किसानों को हो रही परेशानी
Pune News In Hindi: पुणे के पिंपरी चिंचवड इलाके में ट्रांसफार्मर चोरी की घटनाओं ने सबकी टेंशन बढ़ा दी है। जिसका खामियाजा जनता के साथ किसानों को भी भुगतना पड़ रहा है।
- Written By: अपूर्वा नायक
ट्रांसफार्मर चोरी (सौ. सोशल मीडिया )
Pune News In Hindi: पुरंदर तहसील के दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में ट्रांसफार्मर चोरों का आतंक बढ़ता जा रहा है, जिससे नीरा नदी और बाएं नहर के किनारे स्थित गांवों के किसान और निवासी परेशान हैं। पिछले पांच महीनों में, 25 से अधिक विद्युत ट्रांसफार्मरों से तांबे के तार और तेल चोरी हो चुके हैं, जिसके परिणामस्वरूप गांवों में पेयजल की आपूर्ति और कृषि कार्यों के लिए सिंचाई बाधित हुई है।
ये चोरियां मुख्य रूप से सुनसान और दुर्गम इलाकों में हो रही हैं, जहां चोर बिना किसी डर के इन घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों के लिए एक गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पुरंदर के गुलुंचे गांव से राष्ट्रवादी कांग्रेस के कार्यकर्ता अक्षय निगड़े ने उपमुख्यमंत्री और पुणे जिले के पालक मंत्री अजीत पवार को पत्र लिखकर ट्रांसफार्मर चोरों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
नीरा नदी के आसपास के गांवों, जैसे नौरा, मांडकी, जेऊर, पिंपरे, राख, गुलुंचे, कर्नलवाड़ी, थोपटेवाड़ी और चोरी लगातार बढ़ रही है। चार महीने पहले पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद, चोरों का पता नहीं चल पाया है, जिससे सरकार और किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। इस चोरी का मुख्य कारण तांबे की बढ़ती कीमत है।
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चोर बाजार में तांबा 600 से 700 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रहा है। एक ट्रांसफार्मर में लगभग 100 से 120 किलो तांबा होता है, जिसकी कीमत 70 से 80 हजार रुपये तक होती है। चोर ट्रांसफार्मर से तांबे के तार निकालने के बाद उसमें बचा हुआ तेल भी बेच देते हैं। इससे सरकार को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, क्योंकि एक नए ट्रांसफार्मर को लगाने में 1।5 से 2 लाख रुपये का खर्च आता है। इस तरह की चोरी से लगभग 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
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कर्मचारियों और पुलिस की भूमिका पर सवाल
ट्रांसफार्मर चोरी की बढ़ती घटनाओं से किसान परेशान हैं, और उन्हें संदेह है कि चोरों को बिजली वितरण कंपनी के कर्मचारियों का सहयोग मिल रहा है। चोर आसानी से हाई-वोल्टेज लाइनों को काटकर ट्रांसफार्मर को खंभों से नीचे उतार देते हैं। ग्रामीणों ने पुलिस में शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन पुलिस चोरों को पकड़ने में नाकाम रही है। इससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है और वे आपस में चर्चा कर रहे हैं कि क्या पुलिस को तांबा खरीदने-बेचने वाले रैकेट के बारे में जानकारी नहीं है।
