Pune Cab Driver Attack प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स AI)
Taxi Fare Dispute India Pune: पुणे के आईटी हब हिंजेवाड़ी से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां किराए के मामूली विवाद ने इतना हिंसक रूप ले लिया कि एक टैक्सी ड्राइवर ने यात्री की उंगली का हिस्सा ही काट लिया। यह घटना सोमवार, 16 मार्च 2026 की दोपहर को हुई, जब हिंजेवाड़ी आईटी पार्क फेज-1 स्थित एक फर्म में कार्यरत 42 वर्षीय आईटी पेशेवर अपनी शिफ्ट खत्म कर घर जाने की तैयारी कर रहे थे। पीड़ित ने नाना पेठ स्थित अपने निवास तक जाने के लिए रैपिडो (Rapido) ऐप के जरिए टैक्सी बुक की थी, लेकिन सफर शुरू होने से पहले ही विवाद शुरू हो गया।
जांच के अनुसार, विवाद का मुख्य कारण ऐप द्वारा दिखाए गए किराए और ड्राइवर की मांग के बीच का अंतर था। टैक्सी ड्राइवर ने मोबाइल ऐप पर दिखाई गई राशि को स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया और मीटर के हिसाब से अधिक किराया वसूलने पर अड़ गया। दोनों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि दोपहर करीब 3:40 बजे आपा खो चुके ड्राइवर ने यात्री के बाएं हाथ पर हमला कर दिया और उनकी दो उंगलियों को दांतों से काट लिया। इस हमले में एक उंगली का हिस्सा आंशिक रूप से कट गया, जिसके बाद पीड़ित को तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
घटना के अगले दिन पीड़ित ने हिंजेवाड़ी पुलिस स्टेशन पहुंचकर आपबीती सुनाई और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है। सहायक निरीक्षक संदीप वांगनेकर ने पुष्टि की है कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत गंभीर चोट पहुंचाने और शांति भंग करने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब ऐप आधारित सेवाओं के नियमों और ड्राइवरों के व्यवहार को लेकर जांच को आगे बढ़ा रही है ताकि भविष्य में ऐसी हिंसक घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।
यह घटना पुणे के आईटी हब हिंजेवाड़ी में कैब सेवाओं का उपयोग करने वाले यात्रियों के बीच बढ़ते असंतोष और असुरक्षा को उजागर करती है। शहर में कई यात्री लगातार शिकायत कर रहे हैं कि ओला, उबर और रैपिडो जैसी कंपनियों के ड्राइवर ऐप पर निर्धारित किराए को मानने के बजाय यात्रियों को मीटर या मनमाने दाम पर भुगतान करने के लिए मजबूर करते हैं। कोंढवा की निवासी तन्वी शेख जैसे कई यात्रियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि देर रात या व्यस्त घंटों में ड्राइवर बुकिंग स्वीकार करने के बाद भी किराए को लेकर सौदेबाजी करते हैं, जिससे यात्रियों को भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इस खौफनाक वारदात ने रैपिडो और अन्य एग्रीगेटर कंपनियों की सुरक्षा प्रणाली और ड्राइवरों की स्क्रीनिंग प्रक्रिया पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। खबर लिखे जाने तक रैपिडो की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या पीड़ित के प्रति संवेदना व्यक्त नहीं की गई है। पुणे के नागरिक अब प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि इन निजी टैक्सी ऑपरेटरों के लिए सख्त नियमावली बनाई जाए और ड्राइवरों के व्यवहार पर नजर रखने के लिए एक पारदर्शी तंत्र विकसित किया जाए। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी को अदालत में पेश किया गया है।