सुप्रिया सुले ने संसद में उठाया अजित पवार की मौत का मामला, पूछा- FIR के लिए क्यों भटक रहे रोहित पवार?
Ajit Pawar Plane Crash: सांसद सुप्रिया सुले ने संसद में अजित पवार विमान हादसे की जांच पर सवाल उठाए। उन्होंने रोहित पवार को FIR दर्ज कराने में हो रही देरी को गंभीर मुद्दा बताया है।
- Written By: आकाश मसने
सुप्रिया सुले (सोर्स: IANS)
Supriya Sule Lok Sabha Statement: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की वरिष्ठ नेता और सांसद सुप्रिया सुले ने महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री दिवंगत अजित पवार की विमान दुर्घटना में हुई मौत के मामले को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। शुक्रवार को संसद के शून्यकाल के दौरान सुले ने इस संवेदनशील मुद्दे को उठाते हुए जांच में पारदर्शिता की कमी और कानूनी प्रक्रियाओं में आ रही बाधाओं पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।
‘दो महीने बाद भी न्याय का इंतजार’
सुप्रिया सुले ने सदन को याद दिलाया कि उनके चचेरे भाई अजित पवार की मृत्यु को दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक जांच किसी तार्किक निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। उन्होंने विशेष रूप से अपने भतीजे रोहित पवार का जिक्र करते हुए कहा कि एक रसूखदार राजनीतिक परिवार से होने के बावजूद रोहित को इस मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
सुले ने भावुक और कड़े लहजे में कहा कि रोहित पवार को FIR दर्ज कराने में बहुत मुश्किल हो रही है। अगर इस देश के एक पूर्व उपमुख्यमंत्री की दुर्घटना के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने में परिवार को इतनी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, तो कल्पना कीजिए कि एक आम आदमी को न्याय के लिए कितनी दिक्कतों का सामना करना पड़ता होगा।
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क्या था पूरा मामला?
बता दें कि यह दुखद घटना 28 जनवरी की सुबह हुई थी। अजित पवार मुंबई से बारामती की ओर जा रहे थे। बारामती में लैंडिंग के समय उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस भीषण हादसे में अजित पवार समेत विमान में सवार सभी पांच लोगों की जान चली गई थी। इस घटना ने पूरे महाराष्ट्र की राजनीति और नागरिक उड्डयन सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए थे।
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पारदर्शी जांच और न्याय की मांग
सुप्रिया सुले ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह केवल एक हाई-प्रोफाइल मामला नहीं है, बल्कि उन पांचों परिवारों के हक की बात है जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। सुले का इशारा साफ था कि प्रशासन कहीं न कहीं तथ्यों को दबाने या प्रक्रिया को धीमा करने की कोशिश कर रहा है।
