सरसकट कर्जमाफी की मांग पर संभाजीनगर में किसानों का चक्काजाम, मुख्यमंत्री के आश्वासन देने पर आंदोलन स्थगित
Rohit Pawar Protest In Sambhajinagar: छत्रपति संभाजीनगर में रोहित पवार के नेतृत्व में किसानों ने सरसकट कर्जमाफी की मांग को लेकर चक्काजाम किया। CM से वार्ता के आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित हुआ।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
सरसकट कर्जमाफी की मांग पर किसानों का चक्काजाम (फोटो नवभारत)
Rohit Pawar Protest In Sambhajinagar For Loan Waiver: राज्य के किसानों के लिए बिना किसी शर्त संपूर्ण कर्जमाफी की मांग को लेकर सोमवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार के नेतृत्व में छत्रपति संभाजीनगर के केंब्रिज चौक पर जोरदार चक्काजाम आंदोलन किया गया।
करीब ढाई घंटे तक चले आंदोलन के कारण यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। मुख्यमंत्री की ओर से मंगलवार को मंत्रालय में चर्चा के लिए बुलाए जाने का संदेश मिलने के बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया।
कर्जमाफी नहीं मिलने से किसानों में आक्रोश
आंदोलन को संबोधित करते हुए विधायक रोहित पवार ने कहा कि राज्य का किसान प्राकृतिक आपदाओं, बढ़ती उत्पादन लागत, फसलों के कम दाम और कर्ज के बोझ से बुरी तरह परेशान है। सरकार ने पहले कर्जमाफी का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इससे किसानों के साथ विश्वासघात हुआ है। उन्होंने कहा कि किसानों को तत्काल बिना किसी शर्त संपूर्ण कर्जमाफी दी जानी चाहिए।
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सोमवार सुबह बड़ी संख्या में किसान केंब्रिज चौक पर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क पर बैठकर चक्काजाम किया। आंदोलन के चलते चौक पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात कई घंटों तक बाधित रहा। स्थिति को देखते हुए पुलिस का भारी बंदोबस्त तैनात किया गया।
महाविकास आघाड़ी के नेता भी आंदोलन में शामिल
आंदोलन में सांसद सुप्रिया सुले, सांसद निलेश लंके, राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष शशिकांत शिंदे, पूर्व मंत्री राजेश टोपे, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, संभाजीनगर जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद कल्याण काले सहित महाविकास आघाड़ी के अनेक नेता शामिल हुए। चक्काजाम के दौरान पुलिस ने सुप्रिया सुले, हर्षवर्धन सपकाल, सांसद कल्याण काले सहित कुछ नेताओं को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।
मुख्यमंत्री के संदेश के बाद खत्म हुआ आंदोलन
चक्काजाम के कारण शहर में यातायात पूरी तरह प्रभावित होने की जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंचने पर उन्होंने मंत्री गिरीश महाजन को मध्यस्थता के लिए भेजा। महाजन ने विधायक रोहित पवार से चर्चा कर मुख्यमंत्री की ओर से मंगलवार सुबह मंत्रालय में बैठक के लिए आमंत्रण दिया। इस आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया।
सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि राज्य में सूखे जैसी स्थिति, बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि, खेती की बढ़ती लागत और फसलों के उचित मूल्य नहीं मिलने से किसान आर्थिक संकट में है। इसके बावजूद सरकार केवल घोषणाएं कर रही है, जबकि राहत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष का सरकार पर हमला
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि राज्य में किसान संकट गहराता जा रहा है, लेकिन सरकार पूरी तरह निष्क्रिय बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के साथ-साथ बेरोजगारी, प्रश्नपत्र लीक और अन्य जनसमस्याओं पर भी सरकार गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेंगे।
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रोहित पवार की चेतावनी
रोहित पवार ने कहा कि मुख्यमंत्री के आश्वासन का सम्मान करते हुए आंदोलन स्थगित किया गया है। यदि सरकार ने अपना वादा पूरा नहीं किया या किसानों के साथ फिर अन्याय हुआ तो राज्य का किसान गांव-गांव में व्यापक आंदोलन करेगा और किसी भी मंत्री को गांवों में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंगलवार को मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक में लिए जाने वाले निर्णय पर किसानों की आगे की रणनीति तय होगी।
