महायुति में टकराव, रोहित पवार का बड़ा दावा, 2029 में चुनाव रद्द कराने की योजना बना रही है बीजेपी
Rohit Pawar NCP: राकांपा (SP) विधायक रोहित पवार ने दावा किया है कि बीजेपी और शिंदे गुट में टकराव बढ़ रहा है और 2029 का चुनाव महायुति के घटक दल अलग-अलग लड़ेंगे। उन्होंने कर्जमाफी पर भी सरकार को घेरा।
- Written By: रूपम सिंह
रोहित पवार (सोर्स-सोशल मीडिया)
Maharashtra Rohit Pawar NCP BJP Shinde Rift: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने महायुति सरकार और भाजपा की आंतरिक राजनीति को लेकर बड़ा दावा किया है। देहू स्थित संत तुकाराम महाराज के मुख्य मंदिर में नए पालकी रथ के लिए परिवार सहित 11 किलो चांदी अर्पित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि केंद्र और महाराष्ट्र भाजपा नेतृत्व के बीच सब कुछ सामान्य नहीं है।
रोहित पवार के अनुसार, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित दिल्ली के शीर्ष नेतृत्व का मजबूत समर्थन प्राप्त है, जिससे राज्य की राजनीति में उनका प्रभाव लगातार बढ़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेताओं और सांसदों को अपने साथ जोड़ने की रणनीति ने शिंदे की ताकत बढ़ाई है और भाजपा के साथ उनका टकराव आने वाले समय में और तेज हो सकता है।
भाजपा की चुनाव रद्द कराने की योजना
इसी आधार पर उन्होंने दावा किया कि 2029 का विधानसभा चुनाव महायुति के सभी घटक दल अलग-अलग लड़ेंगे। विपक्ष के नेताओं को तोड़ने की रणनीति पर बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा विधायक व सांसद फोड़ने का लगातार प्रयास किया जा रहा है।
सम्बंधित ख़बरें
10 साल से अधिक सेवा वाले कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त पद, महाराष्ट्र के 15000 से अधिक लोग इसका लाभ उठाएंगे
उत्तर नागपुर के साथ हो रहे सौतेला व्यवहार पर विधानसभा में गरजे नितिन राऊत; विकास कार्य के लिए मांगा 550 करोड़
कल्याण-मुरबाड रेलवे लाइन का काम शुरू; 18 गांवों की 151 हेक्टेयर भूमि होगी अधिग्रहित, अधिसूचना जारी
यवतमाल में करोड़ों की लागत से बना धारेगांव नाले का पुल धंसा, निर्माण विभाग पर उठे सवाल, राहगीर खतरे में
pic.twitter.com/IE78jbmseA — Rohit Pawar (@RRPSpeaks) July 1, 2026
रोहित पवार ने दावा किया कि वर्ष 2029 में परिसीमन कानून बदलकर और निर्वाचन क्षेत्रों को प्रभावित करके चुनाव रद्द कराने की भाजपा की योजना है। इस कानून को पास कराने के लिए उन्हें अभी भी 40 सांसदों की जरूरत है, लेकिन जनता अब उन्हें वोट नहीं देगी। इस कारण, 2029 के चुनाव में भाजपा बिल्कुल अकेली पड़ जाएगी।
यह भी पढ़ें:- कल्याण-मुरबाड रेलवे लाइन का काम शुरू; 18 गांवों की 151 हेक्टेयर भूमि होगी अधिग्रहित, अधिसूचना जारी
जनता का ट्रस्ट नहीं रहा
नेताओं द्वारा लगातार पाला बदलने पर चिंता जताते हुए उन्होंने सचिन अहीर के शिंदे गुट में प्रवेश पर आश्चर्य जताया। पवार ने कहा कि नेता अब कपड़ों की तरह अपने विचार और पार्टियां बदल रहे हैं, जिससे जनता का लोकतंत्र से विश्वास उठ जाएगा। उन्होंने कर्जमाफी की कठोर शर्तों को लेकर सरकार को घेरा और कहा कि 70 फीसदी किसानों के साथ अन्याय हो रहा है।
