पुणे में बोले संजय राउत-बीजेपी के एजेंट की तरह काम कर रहा चुनाव आयोग, शरद पवार करें विपक्षी एकता की पहल
Pune News: पुणे में संजय राउत ने चुनाव आयोग को भाजपा का एजेंट बताया और शरद पवार से विपक्षी एकजुटता की पहल करने की अपील की। उन्होंने पीएम मोदी और न्यायपालिका पर भी निशाना साधा
- Written By: रूपम सिंह
संजय राउत (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Pune Press Conference Sanjay Raut: शिवसेना (यूबीटी) के सांसद और वरिष्ठ नेता संजय राउत ने पुणे में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार, केंद्रीय गृह मंत्री और देश की संवैधानिक संस्थाओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा चुनाव आयोग पूरी तरह भारतीय जनता पार्टी के एजेंट की तरह काम कर रहा है। साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र की राजनीति और विपक्षी एकजुटता पर भी खुलकर अपनी राय रखी।
शरद पवार करें विपक्षी पहल
राउत ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी एक ईमानदार नेता हैं, जबकि शरद पवार विपक्ष के सबसे वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। यदि शरद पवार पहल करें तो देश में विपक्षी दलों की एकता संभव हो सकती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में मजबूत विपक्ष लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।
नेहरू के रिकॉर्ड और पीएम मोदी पर हमला
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का सर्वश्रेष्ठ प्रधानमंत्री बताए जाने और पंडित नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ने संबंधी दावों पर राउत ने कड़ा प्रतिवाद किया। उन्होंने कहा कि पंडित पंडित जवाहरलाल नेहरू लगभग 16 वर्षों तक प्रधानमंत्री रहे थे, ऐसे में 12 वर्षों के कार्यकाल की तुलना किस आधार पर की जा रही है। राउत ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा इतिहास को अपने अनुसार प्रस्तुत करने का प्रयास कर रही है और डॉ। बाबासाहेब आंबेडकर के योगदान को पर्याप्त सम्मान नहीं दिया जा रहा। उन्हें देश का पहला कानून मंत्री मानने तक को बीजेपी तैयार नहीं है।
सम्बंधित ख़बरें
2011 तक सरकारी जमीन पर रहने वालों को मालिकाना हक, घरों को मिलेगी सनद… राजस्व मंत्री बावनकुले का बड़ा ऐलान
छत्रपति संभाजीनगर समेत मराठवाड़ा में बारिश से जनजीवन प्रभावित, 4 अगस्त तक तेज वर्षा की चेतावनी
Virar-Alibaug Corridor: राजस्व मंत्री बावनकुले का बड़ा कदम, MSRDC को सौंपी गई पालघर की सरकारी जमीन
NEET Re-Exam Result: बॉम्बे हाई कोर्ट ने खारिज कीं याचिकाएं, याचिकाकर्ताओं पर ठोका ₹5,000 का जुर्माना
ऑपरेशन टाइगर पर साधा निशाना
पार्टी में टूट-फूट और कथित ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चाओं को खारिज करते हुए राउत ने कहा कि विधायकों और नेताओं को तोड़ना लोकतांत्रिक राजनीति की विकृत प्रवृत्ति है। उन्होंने बिना नाम लिए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग ऑपरेशन टाइगर की बात करते हैं, उनका राजनीतिक ऑपरेशन पहले ही अमित शाह द्वारा हो चुका है।
ये भी पढ़े:- संभाजीनगर में संविदा कर्मचारियों पर आयुक्त अमोल येडगे सख्त, काम में लापरवाही पर 2 महीने में हटाने के निर्देश
संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल
राउत ने चुनाव आयोग, न्यायपालिका और केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्ष भूमिका नहीं निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि देश में लाखों मुकदमे लंबित पड़े हैं, लेकिन मुख्य न्यायाधीश लंदन में पिकनिक मना रहे हैं, बैडमिंटन खेल रहे हैं। वहीं, चुनाव आयोग पूरी तरह से बीजेपी के एजेंट के रूप में काम कर रहा है।
उन्होंने ईवीएम से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए पारदर्शिता की मांग की। लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए जवाबदेही और निष्पक्षता जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता के मुद्दों की अनदेखी जारी रही तो भविष्य में व्यापक जनाक्रोश देखने को मिल सकता है।
