

Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Corporation: छत्रपति संभाजीनगर मनपा में कार्यरत ठेका पद्धति पर कार्यरत कर्मचारियों के कामकाज पर अब विभागाध्यक्षों की जवाबदेही तय की जाएगी। दो महीने बाद संविदा कर्मचारियों के कार्यों की समीक्षा की जाएगी और जिनका काम संतोषजनक नहीं पाया जाएगा, उन्हें सेवा से हटाने की कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने बुधवार को विभागाध्यक्षों की बैठक में दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनावश्यक संविदा कर्मचारियों को हटाया जाएगा और आवश्यकता होने पर ही नई भर्ती संविदा पद्धति से की जाएगी। आयुक्त कार्यालय में आयोजित
बैठक में अमोल येडगे ने सभी विभागाध्यक्षों को ई-ऑफिस प्रणाली का अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, उन्होंने कहा कि प्रत्येक कर्मचारी को ई-ऑफिस प्रणाली का उपयोग करना चाहिए और किसी भी विभाग में एक भी फाइल लंबित नहीं रहनी चाहिए, विभागाध्यक्षों को नियमित रूप से इसकी समीक्षा करने को
कहा गया।
शहर में कचरा संग्रहण और परिवहन करने वाली घंटा गाड़ियों के संचालन को व्यवस्थित करने के लिए जीपीएस प्रणाली के माध्यम से निगरानी की जाएगी। आयुक्त ने निर्देश दिए कि किस क्षेत्र में किस समय घंटा गाड़ी पहुंचेगी, इसकी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए तत्काल नियंत्रण कक्ष शुरू किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़कों, खाली भूखंडों और दीवारों के किनारे जहां लोग कचरा फेंकते हैं, उन स्थानों की सफाई कर उन्हें स्थायी रूप से स्वच्छ रखा जाए। ऐसे स्थानों पर दोबारा कचरा जमा न हो, इसके लिए आवश्यक उपाय किए जाएं आयुक्त ने कहा कि स्थायी और संविदा कर्मचारियों की उपस्थिति केवल एप के माध्यम से दर्ज की जाए। विभागाध्यक्षों को कर्मचारियों के कार्यों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि दो महीने बाद कर्मचारियों के कार्यों की समीक्षा की जाएगी और संतोषजनक काम नहीं करने वालों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा, स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत छत्रपति संभाजीनगर मनपा के लिए विकसित विभिन्न एप को सक्रिय करने और उनमें सुधार करने के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने अधिकारियों से मनपा के एप की संख्या और उनकी स्थिति के बारे में जानकारी मांगी, लेकिन अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक का उपयोग कर नागरिकों को घर बैठे अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
मिटमिटा स्थित प्रस्तावित सफारी पार्क क्षेत्र में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया गया है और आगे भी पौधे लगाए जाने हैं। इन पौधों के संरक्षण के लिए पडेगांव स्थित एसटीपी संयंत्र का पानी पाइपलाइन के माध्यम से सफारी पार्क तक पहुंचाने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।