पुणे में बोले RSS प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर, जनसंख्या नियंत्रण से ज्यादा देश में संतुलन जरूरी, सबका DNA एक
RSS Pune Event: पुणे में आरएसएस प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि देश में जनसंख्या नियंत्रण से ज्यादा संतुलन जरूरी है। उन्होंने सभी भारतीयों का डीएनए एक होने की बात भी दोहराई।
- Written By: रूपम सिंह
सुनील आंबेकर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Sunil Ambekar RSS Pune Event: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने देश के समसामयिक मुद्दों पर संघ का दृष्टिकोण स्पष्ट करते हुए कहा कि हिंदू-मुस्लिम विवाद को समाप्त कर समाज में संवाद और सद्भाव का वातावरण बनाना समय की आवश्यकता है। पुणे में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सभी भारतीयों का डीएनए एक है और देश की सांस्कृतिक विरासत सभी नागरिकों को जोड़ने का कार्य करती है।
आंबेकर ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को आज की युवा पीढ़ी, विशेषकर ‘जेन जी’ पर पूरा भरोसा है। उनके अनुसार, वर्तमान पीढ़ी भारतीय परंपराओं, संस्कृति और देश के गौरव के प्रति जागरूक है। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग तकनीक और आधुनिकता को अपनाने के साथ-साथ अपनी जड़ों से भी जुड़ा हुआ है, जो भारत के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है।
जनसंख्या के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि केवल जनसंख्या नियंत्रण की चर्चा पर्याप्त नहीं है, बल्कि देश में जनसंख्या संतुलन बनाए रखना अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने यूरोप और चीन जैसे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि कई देशों को घटती जनसंख्या के कारण आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। भारत को इस विषय पर दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, ताकि भविष्य में सामाजिक संरचना और कार्यशील जनसंख्या पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
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राजनीतिक लाभ के लिए फैलाया गया भ्रम
भारतीय मुसलमानों के संदर्भ में सुनील आंबेकर ने कहा कि उन्हें अपनी सांस्कृतिक पहचान के लिए पाकिस्तान के बजाय इंडोनेशिया जैसे देशों के मॉडल से प्रेरणा लेनी चाहिए, जहां स्थानीय संस्कृति और धार्मिक आस्था के बीच संतुलन देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता और साझा सांस्कृतिक विरासत देश की सबसे बड़ी ताकत है।
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संघ के पंजीकरण और उसकी वैधता को लेकर उठने वाले सवालों पर उन्होंने कहा कि यह मुद्दा राजनीतिक लाभ के लिए फैलाया गया भ्रम है। आंबेकर ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एक वैध सामाजिक संगठन है और उसके सभी आर्थिक लेन-देन पूरी तरह बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि संघ समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सेवा, संगठन और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय रूप से योगदान दे रहा है।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने समाज में संवाद, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि भारत की प्रगति का आधार आपसी विश्वास, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक सद्भाव है।
