
बारिश की तीव्रता में कमी (सौजन्यः सोशल मीडिया)
पुणे: राज्य में वायुदाब बढ़ने से बारिश की तीव्रता कम हो रही है। 22 जुलाई तक मौसम ऐसा ही रहेगा। इस बीच, झारखंड और बिहार राज्यों में कम दबाव का क्षेत्र बनने से उन इलाकों में बारिश बढ़ गई है, जिसके हल्के असर से राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश हो रही है। राज्य में वायुदाब बढ़कर 1004 से 1006 हेक्टोपास्कल हो गया है। इसके चलते कहीं-कहीं मध्यम बारिश जारी है। हालांकि, राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश कम हो गई है।
यह स्थिति 22 जुलाई तक बनी रहेगी और मौसम विज्ञानियों ने जुलाई के आखिरी सप्ताह में अच्छी बारिश होने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग द्वारा दिए गए पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 5 दिनों तक राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होगी। हालांकि, अधिकांश हिस्सों से प्रमुख अलर्ट कम कर दिए गए हैं। मौसम विभाग ने 16 से 19 जुलाई के बीच ऐसी स्थिति की भविष्यवाणी की है। इस दौरान, मराठवाड़ा और विदर्भ के कुछ जिलों में ही बारिश होगी। हालांकि, कोंकण और मध्य महाराष्ट्र में बारिश पूरी तरह से कम हो रही है।
राज्य के सभी हिस्सों में 15 जुलाई तक येलो अलर्ट जारी किया गया था, जिसके बाद बारिश का ज़ोर पूरी तरह से कम हो जाएगा। जुलाई के तीसरे हफ़्ते में राज्य में बारिश कम होने के संकेत हैं। हालांकि, उसके बाद बारिश कम हो जाएगी और कोंकण को छोड़कर बाकी सभी जगहों पर बूंदाबांदी जारी रहेगी। इस दौरान भारी बारिश में विराम रहेगा। मौसम विज्ञानियों ने बताया है कि यह विराम लगभग 22 जुलाई तक रहेगा। उसके बाद मौसम अनुकूल हो जाएगा और जुलाई के तीसरे हफ़्ते में बारिश की संभावना जताई गई है।
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परभणी (18), हिंगोली (18), नांदेड़ (17,18), लातूर (17), धाराशिव (17), अकोला (16), यवतमाल (16), भंडारा (16,17), बुलढाणा (16), गोंदिया (17,18), चंद्रपुर (17), नागपुर (16)
मंगलवार को पुणे शहर और उसके आसपास के इलाकों में भारी बारिश हुई, जिससे सड़कें जलमग्न हो गईं। इससे छात्रों समेत आम लोगों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जो बाहर निकले थे। शहर में औसतन 8.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। सबसे ज़्यादा बारिश लावले में 20 मिमी दर्ज की गई।मंगलवार तड़के बारिश शुरू हो गई। इस वजह से बच्चों को रेनकोट पहनकर स्कूल जाना पड़ा।
दोपहर तक बारिश जारी रही, बीच-बीच में रुकती रही। सुबह 11 बजे के आसपास फिर से तेज़ बारिश शुरू हो गई। इससे शहर और उपनगरों के सभी गड्ढों और निचले इलाकों में फिर से पानी भर गया। सड़कों पर कीचड़ जमा होने से पैदल यात्री और वाहन चालक फंस गए। स्कूल छोड़ते और लौटते समय बारिश होने के कारण, छात्रों के अभिभावकों को छाते और रेनकोट का सहारा लेना पड़ा।






