Purandar International Airport की बड़ी रफ्तार, भूमि अधिग्रहण के लिए ₹6000 करोड़ कर्ज पर सरकारी गारंटी मंजूर
Purandar International Airport Project को बड़ा बढ़ावा मिला है। राज्य सरकार ने भूमि अधिग्रहण के लिए ₹6000 करोड़ के कर्ज पर गारंटी दी है, जिससे अब प्रोजेक्ट की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।
- Written By: अपूर्वा नायक
पुरंदर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (सौ. सोशल मीडिया )
Purandar International Airport Loan Guarantee: पुरंदर में प्रस्तावित छत्रपति संभाजीराजे अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा कदम उठाया गया है।
राज्य सरकार ने इस हवाई अड्डे के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण हेतु महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (एमआईडीसी) को 6 हजार करोड़ रुपये के कर्ज की सरकारी गारंटी देने के प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी है।
राज्य सरकार का यह निर्णय इस महत्वाकांक्षी परियोजना को गति देने के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है, क्योंकि पिछले काफी समय से धन की उपलब्धता और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी।
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सरकार द्वारा दी गई यह गारंटी अगले एक वर्ष की अवधि के लिए वैध रहेगी। इसका सीधा अर्थ यह है कि एमआईडीसी को इस तय समय सीमा के भीतर बैंकों या वित्तीय संस्थानों से ऋण प्राप्त करना होगा और भूमि अधिग्रहण के बदले किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे की वितरण प्रक्रिया को अंजाम देना होगा।
चार प्रमुख संस्थाएं साझेदार के रुप में शामिल
- पुरंदर हवाई अड्डे के लिए कुल मिलाकर लगभग 3 हजार एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाना प्रस्तावित है। इस विशाल भूमि के अधिग्रहण और संबंधित कार्यों के लिए राज्य सरकार ने इसी वर्ष 10 फरवरी को 6 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेने की सैद्धांतिक अनुमति प्रदान की थी, जिसे अब सरकारी गारंटी मिलने से व्यावहारिक रूप दिया जा सकेगा।
- परियोजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य मंत्रिमंडल ने एक विशेष उद्देश्य वाहन (एसवीपी) यानी एक विशेष संयुक्त कंपनी स्थापित करने का निर्णय पहले ही ले लिया है। इस कंपनी में महाराष्ट्र की चार प्रमुख संस्थाएं महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (एमआईडीसी), महाराष्ट्र विमानतल विकास कंपनी (एमएडीसी), शहर व औद्योगिक विकास महामंडल (सिडको) और पुणे महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) साझेदार के रूप में शामिल होंगी।
भूमि की दरों का अंतिम निर्धारण अभी नहीं हुआ
यद्यपि भूमि अधिग्रहण के लिए आवश्यक अधिकांश प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि अभी तक भूमि की दरों का अंतिम रूप से निर्धारण नहीं हो पाया है। दरों के तय न होने के कारण प्रत्यक्ष रूप से अधिग्रहण का कार्य धरातल पर शुरू नहीं हो सका है।
विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि राज्य सरकार के तजा फैसले से अब धन की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है, जिससे भूमि दरों के निर्धारण की प्रक्रिया में तेजी आएगी और जल्द ही किसानों को मुआवजे का भुगतान शुरू किया जा सकेगा।
पश्चिमी महाराष्ट्र में औद्योगिक क्षेत्रों का होगा विकास
पुरंदर हवाई अड्डा न केवल पुणे बल्कि पूरे पश्चिमी महाराष्ट्र के आर्थिक और औद्योगिक मानचित्र को बदलने की क्षमता रखता है। वर्तमान में पुणे के लोहेगांव हवाई अड्डे पर वायुसेना के नियंत्रण और बढ़ती भीड़ का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में पुरंदर हवाई अड्डे के लिए 6 हजार करोड़ की वित्तीय गारंटी मिलने से रास्ता साफ होता दिख रहा है।
सिडको की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत होगी तय
कर्ज की अदायगी और वित्तीय संरचना को लेकर भी एक स्पष्ट रूपरेखा तैयार की गई है। इस 6 हजार करोड़ रुपये के कर्ज को चुकाने में सबसे बड़ी जिम्मेदारी सिडको की होगी, जिसकी हिस्सेदारी 51 प्रतिशत तय की गई है।
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लेकिन मुख्य कर्जदार के रूप में एमआईडीसी की नियुक्ति की गई है, लेकिन अदायगी के समय एमआईडीसी 15 प्रतिशत, एमएडीसी 19 प्रतिशत और पीएमआरडीए 15 प्रतिशत का हिस्सा वहन करेंगे, एमआईडीसी को अब बिना समय गंवाए ऋण प्राप्त कर जिला प्रशासन को धनराशि उपलब्ध करानी होगी ताकि मुआवजे का वितरण किया जा सके। सरकार ने यह सुरक्षा कवच भी प्रदान किया है कि यदि विशेष कंपनी (एसवीपी) किसी कारणवश इस ऋण को चुकाने में असमर्थ रहती है, तो स्वयं राज्य सरकार इस कर्ज की अदायगी की जिम्मेदारी संभालेगी।
