Pune Zila Parishad Elections की तस्वीर साफ होने से पहले हलचल, 58 नामांकन वापस
Maharashtra News: पुणे जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव में नाम वापसी से सियासी समीकरण बदल रहे हैं। अब तक 58 उम्मीदवार मैदान छोड़ चुके हैं, जबकि नामांकन वापसी की अंतिम तिथि 27 जनवरी तय की गई है।
- Written By: अपूर्वा नायक
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Maharashtra Local Body Elections: जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों की प्रक्रिया तेज हो चुकी है, लेकिन चुनावी मैदान की वास्तविक स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है। नामांकन वापसी के चलते जिले की राजनीति में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
पिछले दो दिनों के भीतर पुणे जिले में कुल 58 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र वापस ले लिए हैं। प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जिला परिषद के लिए 22 और पंचायत समिति के लिए 36 उम्मीदवारों ने चुनावी दौड़ से बाहर होने का फैसला किया है।
नाम वापसी की अंतिम तिथि 27 जनवरी
प्रशासन ने नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि मंगलवार, 27 जनवरी निर्धारित की है। सोमवार को सार्वजनिक अवकाश होने के कारण अब उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के पास रणनीतिक बदलाव और तालमेल के लिए केवल एक दिन का समय बचा है।
सम्बंधित ख़बरें
अमृता फडणवीस संग दिखे क्रिकेटर तिलक वर्मा, दोनों की जुगलबंदी देख फैंस हुए दीवाने, वायरल Video ने मचाया तहलका
पुरंदर एयरपोर्ट भूमि अधिग्रहण: सहमति पत्र जमा करने की मियाद 16 अगस्त तक बढ़ी, 92% किसान हुए तैयार
पुलिस को बताया तो जान से मार दूंगी.. 9 महीने के मासूम के मुंह में डाला फेविक्विक, पारिवारिक झगड़े का लिया बदला
‘गूंगी गुड़िया’ तंज पर NCP का पलटवार! सुनेत्रा पवार गुट ने कांग्रेस को याद दिलाया इंदिरा गांधी का इतिहास
जिला परिषद में 73 गण, 621 नामांकन
जिले में जिला परिषद के कुल 73 गणों के लिए 621 नामांकन पत्र दाखिल किए गए हैं। बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के मैदान में होने से कई गणों में त्रिकोणीय और बहुकोणीय मुकाबले की संभावना बनती नजर आ रही है।
पंचायत समिति में 146 गण, 1,122 आवेदन
वहीं पंचायत समिति के 146 गणों के लिए कुल 1,122 नामांकन दाखिल किए गए हैं। पंचायत समिति स्तर पर भी कड़ी प्रतिस्पर्धा के संकेत मिल रहे हैं, जहां स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ दलों की साख दांव पर लगी है।
रणनीति बदलने में जुटे राजनीतिक दल
नामांकन वापसी के बाद अब सभी प्रमुख राजनीतिक दल अंतिम क्षणों में अपने उम्मीदवारों और गठबंधनों को लेकर रणनीतिक फेरबदल में जुट गए हैं। कई सीटों पर दोस्ताना मुकाबले को टालने और वोटों के बंटवारे को रोकने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
ये भी पढ़ें :- AIMIM को महाराष्ट्र में बड़ा झटका, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष फारुख शाब्दी का इस्तीफा
अब नजर अंतिम सूची पर
अब सभी की निगाहें 27 जनवरी के बाद जारी होने वाली अंतिम उम्मीदवार सूची पर टिकी हैं, जिसके बाद ही यह साफ हो पाएगा कि पुणे जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव में किस दल की स्थिति मजबूत नजर आती है।
