AIMIM को महाराष्ट्र में बड़ा झटका, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष फारुख शाब्दी का इस्तीफा

Maharashtra में स्थानीय निकाय चुनावों के बीच AIMIM को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष फारुख शाब्दी ने इस्तीफा दे दिया है, जिससे संगठन में अंदरूनी तनाव की अटकलें तेज हो गई हैं।
Asaduddin Owaisi
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Mumbai News In Hindi: महाराष्ट्र की राजनीति में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष फारुख शाब्दी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब AIMIM राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों के अंतिम चरण की तैयारियों में जुटी हुई है।

फारुख शाब्दी को महाराष्ट्र में इम्तियाज जलील के बाद AIMIM का दूसरा सबसे प्रभावशाली नेता माना जाता है। संगठन में उनकी मजबूत पकड़ रही है और वे लंबे समय से पार्टी की रणनीति और विस्तार में अहम भूमिका निभाते आए हैं।

सोलापुर से दो बार लड़ चुके हैं चुनाव

फारुख शाब्दी ने सोलापुर शहर मध्य विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधानसभा चुनाव लड़ा था। हालांकि दोनों बार उन्हें जीत नहीं मिली और वे दूसरे स्थान पर रहे। इसके बावजूद सोलापुर और मुंबई में उनका राजनीतिक प्रभाव बना रहा।

कई अहम पदों की थी जिम्मेदारी

इस्तीफे से पहले फारुख शाब्दी के पास पार्टी की कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां थीं। वे सोलापुर शहर अध्यक्ष, मुंबई शहर अध्यक्ष और प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष जैसे अहम पद संभाल रहे थे। उनके इस्तीफे से पार्टी के संगठनात्मक ढांचे पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

आंतरिक राजनीति बनी कारण?

सूत्रों के अनुसार, AIMIM के भीतर चल रही आंतरिक राजनीति और मतभेदों के चलते फारुख शाब्दी ने यह कदम उठाया है। हालांकि पार्टी की ओर से आधिकारिक तौर पर इस्तीफे के कारणों पर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।

चुनावी प्रदर्शन के बीच बढ़ा तनाव

गौरतलब है कि AIMIM ने हाल के नगर परिषद चुनावों में कई इलाकों में अच्छा प्रदर्शन किया था। खासकर मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में पार्टी के उम्मीदवार लगातार जीत दर्ज कर रहे हैं। ऐसे समय में एक बड़े नेता का इस्तीफा संगठन के लिए चुनौती माना जा रहा है।

आगे की रणनीति पर नजर

अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी नेतृत्व इस स्थिति से कैसे निपटता है और स्थानीय निकाय चुनावों में इसका क्या असर पड़ता है।

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