
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Maharashtra Local Body Elections: जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों की प्रक्रिया तेज हो चुकी है, लेकिन चुनावी मैदान की वास्तविक स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है। नामांकन वापसी के चलते जिले की राजनीति में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
पिछले दो दिनों के भीतर पुणे जिले में कुल 58 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र वापस ले लिए हैं। प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जिला परिषद के लिए 22 और पंचायत समिति के लिए 36 उम्मीदवारों ने चुनावी दौड़ से बाहर होने का फैसला किया है।
प्रशासन ने नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि मंगलवार, 27 जनवरी निर्धारित की है। सोमवार को सार्वजनिक अवकाश होने के कारण अब उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के पास रणनीतिक बदलाव और तालमेल के लिए केवल एक दिन का समय बचा है।
जिले में जिला परिषद के कुल 73 गणों के लिए 621 नामांकन पत्र दाखिल किए गए हैं। बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के मैदान में होने से कई गणों में त्रिकोणीय और बहुकोणीय मुकाबले की संभावना बनती नजर आ रही है।
वहीं पंचायत समिति के 146 गणों के लिए कुल 1,122 नामांकन दाखिल किए गए हैं। पंचायत समिति स्तर पर भी कड़ी प्रतिस्पर्धा के संकेत मिल रहे हैं, जहां स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ दलों की साख दांव पर लगी है।
नामांकन वापसी के बाद अब सभी प्रमुख राजनीतिक दल अंतिम क्षणों में अपने उम्मीदवारों और गठबंधनों को लेकर रणनीतिक फेरबदल में जुट गए हैं। कई सीटों पर दोस्ताना मुकाबले को टालने और वोटों के बंटवारे को रोकने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
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अब सभी की निगाहें 27 जनवरी के बाद जारी होने वाली अंतिम उम्मीदवार सूची पर टिकी हैं, जिसके बाद ही यह साफ हो पाएगा कि पुणे जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव में किस दल की स्थिति मजबूत नजर आती है।






