Pune Zilla Parishad Development ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Maharashtra Rural Development News: पुणे जिला परिषद प्रशासन ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, अक्षय ऊर्जा, महिला सशक्तिकरण और डिजिटल प्रशासन को प्राथमिकता देते हुए वर्ष 2026-27 के लिए 301 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है, जिसे प्रशासनिक सलाहकार समिति ने मंगलवार को अपनी मंजूरी दे दी। यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9 करोड़ रुपये अधिक है।
वर्ष 2025-26 का संशोधित बजट जहां 455 करोड़ रुपये था, वहीं 2026-27 के लिए 301 करोड़ रुपये का मूल बजट प्रस्तावित किया गया है। प्रारंभिक शेष 29।65 करोड़ रुपये मानते हुए आगामी वर्ष में करीब 272 करोड़ रुपये की आय का अनुमान है। कुल 301।65 करोड़ रुपये के इस बजट में से ग्राम पंचायतों को स्टैंप ड्यूटी वितरण हेतु 115 करोड़ रुपये और पंचायत समितियों के लिए उपकर के रूप में 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। शेष 184 करोड़ रुपये विकास कार्यों के लिए उपलब्ध होंगे।
स्वास्थ्य क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सशक्त बनाने के लिए ‘मॉडल पीएचसी’ योजना का विस्तार किया जाएगा, 9 से 14 वर्ष की बालिकाओं के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान और स्कूलों में ‘पिक रूम’ की व्यवस्था की जाएगी। छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग एवं ध्यान का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सोलर पार्क, सामुदायिक बायोगैस परियोजनाएं, ठोस कचरा प्रबंधन और ईवी चार्जिंग स्टेशन बनाने की योजना है।
इनोवेशन सेंटर की स्थापना महिला, दिव्यांग और स्वयं सहायता समूहों के लिए भी कई कल्याणकारी योजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनमें दिव्यांगों को व्यवसाय हेतु आर्थिक सहायता, एकल महिलाओं के लिए स्वावलंबन योजना और बचत समूहों के उत्पादों हेतु मोबाइल बिक्री केंद्र व ‘सावित्री कैफे’ शामिल हैं। प्रशासनिक सक्षमता बढ़ाने के लिए जिला डेटा सेंटर, जिला परिषद फेलोशिप और ग्रामीण इनोवेशन सेंटर की स्थापना पर जोर दिया गया है।
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पुणे जिले में दो स्थानों पर विज्ञान पार्क (साइंस पार्क) स्थापित करने की योजना है, जिससे छात्रों को प्रायोगिक आधार पर विज्ञान सीखने का अवसर मिलेगा। रोजगारोन्मुख शिक्षा के लिए उद्योगों के सहयोग से कौशल विकास केंद्र शुरू किए जाएंगे और अंग्रेजी भाषा कौशल बढ़ाने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
इस बजट में शिक्षा विभाग को विशेष प्राथमिकता दी गई है। पुणे जिला परिषद स्कूलों के स्तर में सुधार हेतु ‘मॉडल स्कूल योजना’ का विस्तार किया जाएगा और अधिक से अधिक विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। इसके साथ ही प्रत्येक तहसील के एक स्कूल को सीबीएसई से संबद्ध करने का प्रस्ताव है। ‘कौशल सेतु’ योजना के अंतर्गत छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा साइंस, चैटबॉट और इमेज जनरेशन जैसे आधुनिक विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।