आदित्य ठाकरे (फाइल फोटो)
Pune Waterlogging Aditya Thackeray Attack: पुणे में हाल ही में हुई सामान्य बारिश के बाद शहर में कई जगहों पर जलभराव की स्थिति देखने को मिली, जिसके बाद सियासत गरमा गई है। आदित्य ठाकरे ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पर तीखा हमला बोला है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर प्रतिक्रिया देते हुए ठाकरे ने कहा कि यह स्थिति किसी प्राकृतिक आपदा का परिणाम नहीं है, बल्कि प्रशासनिक विफलता और गलत शहरी नियोजन का नतीजा है। उन्होंने कहा कि जब बारिश क्लाउडबर्स्ट जैसी नहीं थी, तब भी शहर का डूबना चिंताजनक है।
आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि शहर में विकास के नाम पर केवल कंक्रीट का जाल बिछाया गया है, जिससे प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि इस कारण हल्की बारिश में भी जलभराव की समस्या उत्पन्न हो रही है।
उन्होंने रिवर फ्रंट डेवलपमेंट, नदी किनारे बढ़ते अतिक्रमण और वेताल टेकड़ी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में निर्माण कार्यों पर भी सवाल उठाए। ठाकरे के अनुसार, पर्यावरण विशेषज्ञों की चेतावनियों को नजरअंदाज कर मेट्रो पिलर और फ्लड लाइन में बदलाव किए गए, जो भविष्य में बड़े खतरे का कारण बन सकते हैं।
ठाकरे ने ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि कंक्रीट निर्माण को विकास नहीं कहा जा सकता। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2021 में पर्यावरण मंत्री रहते हुए उन्होंने इन परियोजनाओं को जनहित में पुनर्गठित करने के निर्देश दिए थे।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसी तरह विकास कार्य जारी रहे, तो पुणे को भविष्य में गंभीर बाढ़ की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।
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ठाकरे ने सुझाव दिया कि शहर के विकास में पर्यावरण संतुलन और प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि इस तरह की समस्याओं से बचा जा सके।